हरनंदीपुरम योजना: जीडीए ने किसानों से आपसी सहमति से भूमि खरीदने की शुरु की कवायद

जीडीए उपाध्यक्ष ने गांवों के ग्राम प्रधान, पूर्व प्रधान व किसानों के साथ की बैठक

गाजियाबाद। जीडीए की नई हरनंदीपुरम योजना के लिए किसानों से आपसी सहमति से भूमि खरीदने को लेकर प्राधिकरण ने अब कवायद शुरू दी है। योजना के लिए कुल 521 हेक्टेयर जमीन खरीदी जानी है। गुरूवार को जीडीए सभागार में जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की अध्यक्षता में हरनंदीपुरम योजना क्षेत्र के गांवों के ग्राम प्रधान, पूर्व प्रधान व किसानों के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह,फाइनेंस कंट्रोलर अशोक वाजपेयी,अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, ओएसडी गुंजा सिंह, संयुक्त सचिव सुशील कुमार चौबे,नायब तहसीलदार रवि प्रजापति आदि अधिकारी एवं नई योजना हरनंदीपुरम से आच्छादित ग्रामों के ग्राम प्रधान, पूर्व प्रधान और अन्य 60 से 70 भूमि धारक उपस्थित रहे। जीडीए उपाध्यक्ष ने किसानों से हरनंदीपुरम योजना के लिए आपसी सहमति से भूमि क्रय करने की प्रक्रिया को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने बताया कि अधिग्रहण के बजाए सीधे किसानों से सहमति के आधार पर योजना के लिए जमीन खरीदी जाएगी। जीडीए की भू-अर्जन अनुभाग की टीम के अधिकारियों ने ग्राम प्रधान व किसानों को पूर्ण जानकारी दी गई। जीडीए सचिव ने नई योजना की रूपरेखा और इसके दूरगामी लाभ को विस्तार से समझाया। उन्होंने किसानों से उनकी राय और सुझाव मांगे।

गांव मथुरापुर, चंपतनगर और अन्य संबंधित गांवों के प्रमुख प्रतिनिधियों में ग्राम प्रधान नंगला फिरोज मोहनपुर के अमित कुमार और सचिन सहलोत ने अपने विचार रखे। किसानों ने सहमति जताई कि वह विकास योजनाओं के लिए सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस पर जीडीए उपाध्यक्ष ने किसानों को आश्वस्त किया कि जीडीए सभी हितधारकों के लाभ को प्राथमिकता देता है। भूमि खरीदने के लिए वर्तमान नियमों एवं शासनादेश के अनुसार संपूर्ण लाभ भूमि धारकों को दिए जाएंगे। उन्होंने किसानों से आग्रह भी किया कि वह अपने प्रस्ताव एकमत होकर जीडीए के समक्ष प्रस्तुत करें। इसके आधार पर जीडीए नियमानुसार अगली कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। किसानों ने इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति जताई।

हालांकि किसान ज्यादा रेट पर अपनी जमीन देने को लेकर तैयार है। इसमें कुछ किसान विरोध भी कर रहे है। मगर उनके हिस्से में कम जमीन है। जीडीए उपाध्यक्ष ने किसानों को आश्वस्त किया कि किसान इस हरनंदीपुरम योजना में भागीदार बनते हुए आने वाले समय में सृजित भूखंडों का कोटा एवं आवंटन चाहते है। उनके द्वारा अधिकतम दर भूमि क्रय के लिए तय करने के लिए भी अनुरोध किया गया। जीडीए उपाध्यक्ष ने अधिकारियों और किसानों को सामूहिक सहमति बनाने और विचार-विमर्श करने का निर्देश दिया। इसके लिए जल्द ही अगली बैठक भी होगी। यह भी आश्वासन दिया कि इस योजना के आने से ग्रामीणों के लिए सुविधाएं भी विकसित होंगी। इसका लाभ उन्हें भविष्य में प्राप्त होगा और रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। किसानों ने इस योजना में भागीदार बनते हुए आने वाले समय में सृजित भूखंडों कोटा भी मांगा। साथ ही उन्होंने जमीन खरीदने के लिए अधिकतम दर तय करने की बात कही। जीडीए अधिकारी अब नोएडा,ग्रेटर नोएडा में भी आपसी सहमति से खरीदी गई किसानों की जमीन का भी अवलोकन करेंगे। किसानों ने इस योजना के आसपास फ्री होल्ड में ज्यादा रेट होने की बात कही हैं।