गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण की जिले में बढ़ती रफ्तार को रोकने के लिए शुक्रवार की रात से ही सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिखाई दिया। चाय-पान के होटल तक बंद दिखे। शनिवार को सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि साप्ताहिक लॉकडाउन के दौरान गली-मोहल्लों की दुकानों से दैनिक उपयोगी सामानों की बिक्री होती दिखी। मुख्य बाजार व सड़कें पूरी तरह से सूनी दिखाई दीं। कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रसार को देखते हुए यूपी सरकार ने वीकेंड लॉकडाउन की अवधि सोमवार तक बढ़ा दी है। गत सप्ताह शनिवार और रविवार को लॉकडाउन था लेकिन इस बार मंगलवार सुबह सात बजे तक लॉकडाउन रहेगा। इसके अलावा यूपी सरकार ने पाबंदियों को और भी सख्त कर दिया है। शहर के होटल-रेस्टोरेंट, शॉपिंग कॉम्पलेस आदि को भी दस मई तक बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं। शादी समारोह में 50 और अंतिम संस्कार में 20 लोगों के शामिल होने की ही अनुमति दी गई है। हालांकि, संक्रमण के बढ़ते मामलों का असर यह है कि जिन सड़कों और बाज़ारों में दिन भर चहल-पहल रहती थी, अब वह सूने हो गए हैं। लोग बेहद कम संख्या में ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। लॉकडाउन के उपरांत भी बाजारों में पहले सी चहल-पहल नजर नहीं आती। शनिवार को लॉकडाउन के दौरान भी व्यापक असर शहर के मालीवाड़ा, डासना गेट, दिल्ली गेट, सिहानी गेट, चौपाला, अनाजमंडी, बजारिया, घंटाघर, अंबेडकर रोड, रमते राम रोड, सब्जी मंडी, सेक्टर-२३ व राजनगर आदि शहर के सभी प्रमुख बाजारों में देखने को मिला। इस दौरान किराना स्टोर और बेकरी भी बंद रहीं। सिर्फ मेडिकल स्टोर ही खुले रहे तो वहीं सिहानी गेट बाज़ार में अंतिम संस्कार का सामान बेचने वाली दुकानें ही धधा शटर गिराकर खोली गई थीं। अंतिम संस्कार का सामान राकर दुकानदार बाहर ही बैठे थे, ग्राहकों के आने पर ही दुकान खोलकर या पीछे के गेट से अंतिम संस्कार का सामान दिया जा रहा था। लॉकडाउन के चलते लोगों के लिए नगदी की भी समस्या हो गई है। बैंक पूरी तरह से बंद चल रहे हैं। ऐसे में लोगों को घर के बाहर मजबूरी में निकलना पड़ रहा है।
















