शहर के विकास के लिए दुकानों का किराया बढ़ाएगा नगर निगम

बोर्ड बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव, कई साल से नहीं बढ़ा शुल्क

गाजियाबाद। नगर निगम की दुकानों का किराया बढ़ाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए प्रस्ताव भी बन चुका है। शनिवार को आयोजित बोर्ड बैठक में इस बावत प्रस्ताव रखा जाएगा। बैठक में पुनरीक्षित बजट पर भी चर्चा होनी है। 1702 दुकानों का पिछले कई साल से किराया नहीं बढ़ा है। अब इन दुकानों का किराया बढ़ाकर विभाग अपनी आय में भी वृद्धि करना चाहता है। उधर, इस प्रस्ताव के विरोध में व्यापारी भी लामबंद होते दिखाई दे रहे हैं। घंटाघर पर व्यापारियों ने शुक्रवार को मीटिंग कर इस मामले पर विचार-विमर्श किया। नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर के मुताबिक नगर निगम की दुकानों का कई साल से किराया नहीं बढ़ाया गया है। उनका कहना है कि सिकमी किराएदार (मूल आवंटियों से अलग काबिज व्यक्ति) यदि दुकान पर काबिज मिले तो उनसे प्रीमियम लेकर आवंटियों के रिकॉर्ड में नाम परिवर्तन भी किए जाएंगे।

मार्केट रेट बढ़ा, किराया नहीं
गृहकर विभाग ने सर्किल रेट के आधार पर किराया बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव को बोर्ड बैठक में पेश किया जाएगा। सदन की सहमति मिलने पर दुकानों का किराया बढ़ा दिया जाएगा। नगर निगम ने नेहरू नगर, पुरानी मुंसिफी, पुरानी सब्जी मार्केट, सुभाष मार्केट, नेहरू नगर, पटेल मार्ग, सिहानी गेट बाजार, नवयुग मार्केट, अर्थला, मोहन नगर, कविनगर सी ब्लॉक आदि स्थानों पर दुकानें लीज रेंट पर दी हुई हैं। करीब 2 दशक से अधिकांश दुकानों का किराया नहीं बढ़ाया गया है। अधिकांश दुकानों का किराया 150 रुपए से लेकर 3 हजार रुपए प्रतिमाह है। जबकि बाजार दरें 10 हजार रुपए प्रतिमाह किराया तक पर है। नगर निगम अब अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए इन दुकानों का किराया बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। पूर्व में भी बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया था, मगर प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो पाई थी। इस प्रस्ताव को अब दोबारा बोर्ड बैठक के एजेंडे में शामिल किया गया है। किराए में बढ़ोतरी किए जाने से करीब 120 करोड़ रुपए प्रीमियम के तौर पर एकमुश्त मिलने की उम्मीद है। नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि शहर में विकास कार्य कराने के लिए दुकानों के किराए में बढ़ोतरी किया जाना जरूरी है।

9.80 करोड़ होगी सालाना आमदनी
नगर निगम की सिटी जोन में 1474, मोहन नगर जोन में 95, कविनगर जोन में 105 और विजय नगर जोन में कुल 28 दुकानें हैं। दुकान का मौजूदा न्यूनतम किराया 150 रुपए प्रतिमाह और अधिकतम किराया 3 हजार रुपए प्रतिमाह है। दुकानों का किराया बढ़ाने के बाद प्रस्तावित न्यूनतम किराया 1735 रुपए प्रतिमाह हो जाएगा। जबकि अधिकतम किराया 8303 रुपए प्रतिमाह होगा। इसके अलावा सिकमी दुकानदारों से प्रस्तावित न्यूनतम प्रीमियम 60,700 रुपए प्रति वर्ग मीटर और अधिकतम प्रीमियम 100723 रुपए प्रति वर्ग मीटर तक लिया जा सकेगा। इससे नगर निगम को दुकानों के किराए से सालाना करीब 76 लाख रुपए की आमदनी होती है। किराया बढ़ने के बाद प्रस्तावित आमदनी 9.80 करोड़ रुपए सालाना हो सकेगी।