सिद्धपीठ दूधेश्वर नाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण के साथ बनेगी पार्किंग: इन्द्र विक्रम सिंह

  • मंदिर परिसर में विकास कार्य को लेकर डीएम ने की बैठक

गाजियाबाद। शहर के प्राचीन सिद्धपीठ दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर के सौंदर्यीकरण से लेकर सड़क उच्चीकरण और पार्किंग बनाने के लिए अब कवायद तेज होगी। इसी क्रम में मंगलवार को जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन रणविजय सिंह, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राम राजा, पर्यटन अधिकारी सुरेश रावत, जिला सूचना अधिकारी योगेन्द्र प्रताप सिंह आदि अधिकारियों के साथ एडीएम प्रशासन कार्यालय में समन्वय बैठक की। बैठक में सिद्धपीठ दूधेश्वर नाथ महादेव मंदिर में अपेक्षित विकास कार्यों से संबंधित प्रारंभिक समन्वय बैठक में जीडीए, पर्यटन विभाग, पीडब्ल्यूडी, जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ मंदिर की भौगोलिक स्थिति, पौराणिक महत्ता, इतिहास व वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि सिद्धपीठ दूधेश्वरनाथ महादेव मंदिर ग्राम कैला, परगना लोनी, सदर तहसील में स्थित है, मंदिर प्रांगण कई खसरों में है।

प्राचीन मान्यताओं के अनुसार रावण के पिता ऋषि विश्रवा शिवलिंग की पूजा की जाती थी। यह मान्यता है कि छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया था। वर्तमान में मंदिर में महाशिवरात्रि,श्रावण शिवरात्रि, श्रावण मास, प्रत्येक सोमवार सहित अन्य पर्वों पर स्थानीय व अन्य जनपद व राज्यों से श्रद्धालु व भक्तगण जलाभिषेक करते हैं। मंदिर में वेद विद्यालय संचालित है,जहां वेदों,ज्योतिष,शास्त्रों की शिक्षा दी जाती है वर्तमान में यहां 80 छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। मंदिर परिसर में एक प्राचीन गौशाला भी हैं। मंदिर की महत्ता को दृष्टिगत रखते हुए पर्यटन विभाग द्वारा इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाई जा रही हैं। जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान बताया कि मंदिर के सौंदर्यीकरण,सड़क का उच्चीकरण और पार्किंग बनाया जाना प्रस्तावित है।

मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बैठने के लिए बेंच भी लगवाई जाएगी, ताकि भक्तजनों को मंदिर की महत्वता, अध्यात्म, संस्कृति और इतिहास के बारे में जानकारी प्राप्त हो सकें। इस प्रकार के निर्माण कार्य व व्यवस्था की जाएगी। मंदिर में स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था के लिए वैज्ञानिक व बेहतर तैयारियां की जा रही हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों और मंदिर समिति को उक्त कार्य को पूरा कराने के लिए संबंध में आवश्यक कार्य पूरा कराने के  निर्देश दिए। इसके साथ ही जल्द कार्यों को पूरा कराते हुए अपनी-अपनी रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के लिए निर्देश दिए।