-2020 तक पूरा होना था प्रोजेक्ट, बाहरी विकास कार्यों में देरी बनी बाधा
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना में बने फ्लैटों का ड्रॉ लगभग पांच साल पहले हो चुका है, लेकिन अब तक आवंटियों को कब्जा नहीं मिला है। आवंटी जीडीए के चक्कर काट रहे हैं, जबकि अधिकारी जल्द कब्जा दिलाने का आश्वासन दे रहे हैं। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2018 में मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना के तहत 856 ईडब्ल्यूएस फ्लैटों का निर्माण शुरू किया था, जिसे 2020 तक पूरा होना था। हालांकि, परियोजना में देरी के चलते अब तक आवंटियों को उनके फ्लैट नहीं मिल सके हैं।
जीडीए अधिकारियों के अनुसार, फ्लैट लगभग तैयार हो चुके हैं, लेकिन जल निगम, विद्युत विभाग और लोक निर्माण विभाग द्वारा जरूरी कार्य न किए जाने के कारण आवंटियों को कब्जा नहीं मिल पा रहा है। जल निगम को पानी और सीवरेज लाइन डालनी है, विद्युत विभाग को विद्युतीकरण का कार्य करना है, और पीडब्लूडी को सड़क निर्माण पूरा करना है। इस हफ्ते हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद अतुल गर्ग ने इस प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने जीडीए अधिकारियों से कहा कि आवंटियों को जल्द से जल्द उनके फ्लैट सौंपे जाएं।
गाजियाबाद में चल रहे हैं 5 बड़े प्रोजेक्ट
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना के पांच प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिनमें कुल 3,496 फ्लैट बनाए जा रहे हैं। इनमें –
• मधुबन-बापूधाम – 856 फ्लैट
• डासना – 432 फ्लैट
• प्रताप विहार – 1,200 फ्लैट
• नूरनगर – 480 फ्लैट
• निवाड़ी – 528 फ्लैट
इन प्रोजेक्ट्स के बाहरी विकास कार्यों पर करीब 51.80 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। जब तक अन्य विभाग अपना कार्य पूरा नहीं करेंगे, तब तक आवंटियों को कब्जा नहीं मिल सकेगा। जीडीए ने आश्वासन दिया है कि इन प्रोजेक्ट्स को जल्द पूरा कर आवंटियों को उनके घर सौंपे जाएंगे।
















