-गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा कमेटी ने की सिक्ख समाज के लोगों को रिहा करने की मांग
गाजियाबाद। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में कई गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि 8 लोगों की लड़ाई लड़ेंगे, जो जेल से नहीं छूट पा रहे। अपनी सजा पूरी करने के बाद भी उन्हें रिहा नही किया गया।
महामंत्री एसपी सिंह ओबरॉय की मौजूदगी में मंगलवार देर शाम बैठक की अध्यक्षता की गई। एसपी सिंह ओबरॉय ने कहा कि 8 ऐसे सिख समाज व्यक्ति जो अपने गुनाहों की सजा भुगत चुके हैं। लेकिन समझ नहीं आ रहा क्या अड़चन आ रही है कि अपने गुनाह की सजा भुगतने के बाद उनको जमानत नहीं मिल रही है। इनमें से किसी को 30 वर्ष हो गए, किसी को 27, किसी को 25, किसी को 20 और किसी को 17 Pm Letterवर्ष बीत चुके हैं। किए गए गुनाह कि जो सजा मिली थी, वह भुगत चुके है। लेकिन अभी भी इनको मुक्ति नहीं मिली। जीवन के अंतिम पड़ाव में बचा जीवन परिवार में जाकर रहना चाहते हैं। जिसके बाद बुधवार को प्रधान गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में प्रधान इंदरजीत सिंह टीटू की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। सभी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा एक मुश्त निर्णय लिया गया कि पहले हम प्रधानमंत्री को एक पत्र के द्वारा अपनी बता पहुंचाएंगे, फिर उसके बाद एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री के लिए दिया जाएगा। इन्द्रजीत सिंह टीटू ने कहा कि देश मेंं जब भी कभी किसी भी रूप में कोई आपदा आई है।

आजादी के समय से लेकर आज तक सिख समाज ने आगे बढ़कर देश प्रेम दिखाते हुए कुर्बानियां दी है। ऐसे अनेकों मौके आए हैं, फांसी के फंदे पर लटके है। बॉर्डर पर खड़े होकर छाती पर गोली अभी खाई है और हाल ही में कोरोना महामारी के दौरान खाने के लंगर और ऑक्सीजन के सिलेंडर फ्री में देकर लोगों का जीवन बचाने का काम किया है। देश के प्रति हमारी कुर्बानियां और हमारी सेवा को ध्यान में रखते हुए हमारे निवेदन पर गौर किया जाए हमारा आपसे कहना है कि आप प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर अपना ध्यान आकर्षित करें और इन परिवारों की परेशानियों को समझते हुए कानून के तहत इनको जेलो से छुड़वाया। जिससे यह लोग बचे हुए अपने जीवन के सालों को परिवार में रहकर अपने परिवार के साथ बिता पाए। फिलहाल 8 ऐसे लोग हैं, जिनका नाम भी इस पत्र में लिखा गया है। (देवेंद्र पाल सिंह, भुल्लर जगतार सिंह हजारा, बलवंत सिंह, रोजोआना, जगतार सिंह, तारा, गुरदीप सिंह, खेरा शमशेर सिंह, गुरमीत सिंह, परमजीत सिंह, बुलाई गई मीटिंग में निम्न गुरुद्वारों के प्रधान व महासचिव उपस्थित थे।
















