जनपद को टीबी मुक्त बनाने के लिए गांव-गांव,घर-घर चलाए अभियान: इन्द्र विक्रम सिंह

गाजियाबाद। जनपद को टीबी मुक्त बनाने के लिए गांव-गांव व घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें अभियान चलाए। बुधवार को विकास भवन के दुर्गावती देवी सभागार में जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अखिलेश मोहन, एसीपी प्रियाश्री पाल आदि अधिकारियों की मौजूदगी में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में यह दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करते हुए कार्यों में सुधार के आदेश दिए। ओपीडी में विगत वर्ष के सापेक्ष 95,350 की वृद्धि हुई। जबकि आईपीडी विगत वर्ष के सापेक्ष 18,431 वृद्धि हुई है। इसके साथ ही प्रति डॉक्टर प्रतिदिन ओपीडी की संख्या 62.7 है,जो नवंबर माह तक सिर्फ 52 ओपीडी प्रति चिकित्सक प्रतिदिन थी। आशा द्वारा बनाए गए आभा आईडी का औसत प्रति आशा 824 है। ई-संजीवनी कार्यक्रम में प्रति सीएचओ प्रतिदिन किए जाने वाले टेली कंसल्टेशन का औसत राज्य स्तर से दिए गए लक्ष्य 5 के सापेक्ष 5.47 है।

मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम में एएनसी पंजीकरण में अब तक 92,461 (139.14 प्रतिशत) का पंजीकरण हुआ है। जिसमें से 84.60 प्रतिशत महिलाओं का प्रथम तिमाही में पंजीकरण हुआ है। कुल पंजीकृत महिला में से 5572 गर्भवती महिला को उच्च जोखिम वाली गर्भवती की पहचान करते हुए विशेष ध्यान देते हुए इनका उपचार करते हुए इन्हें संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया गया। 62,549 (87.07 प्रतिशत) महिलाओं का राजकीय एवं निजी चिकित्सालयों में सुरक्षित संस्थागत प्रसव हुआ है। जिसमें राजकीय चिकित्सालय में 14289 प्रसव हुए हैं, जिसमें से 13267 लाभार्थियों (92.8प्रतिशत) को जेएसवाई प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया गया। राजकीय प्रसव के लाभार्थियों की ऑनलाइन प्रविष्टि मंत्रा ऐप में संपन्न कर दी गई। जनपद में अप्रैल से अब तक 23 मातृ मृत्यु की रिपोर्ट हुई है। जबकि अप्रैल से अब तक 116 प्रतिशत बच्चों को एमआर-1 की खुराक पिलाई गई।

महिला नसबंदी में अब तक कुल 2140(96.5 प्रतिशत) संपन्न की गई है। वर्तमान में संचालित हो रहे टीबी अभियान की भौतिक एवं वितीय स्थिति की विशेष समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि विभिन्न  विभागों के साथ उचित समन्वय स्थापित करते हुए लाभार्थीपरक राजकीय योजनाओं में लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान ससमय कराया जाए। इस दौरान गाजियाबाद में स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य संदेशÓ नाम के फिलिप्स बुकलेट का विमोचन किया गया। नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डॉ.आरके गुप्ता ने बताया कि इस बुक के माध्यम से 40 गंभीर बीमारियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। शुरूआत में आशा और एएनएम को फिलिप्स बुक्स वितरित की जाएगी। जो अपने क्षेत्र में प्रतिदिन एक रोग के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे। बुधवार को जिलाधिकारी ने सीएमओ और नोडल अधिकारी ने एक साथ बुक की लॉन्चिंग की।जिलाधिकारी ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया गया। उन्होंने कहा कि गांव-गांव,घर-घर जाकर टीबी मुक्त अभियान चलाते हुए हर घर,गांव व जनपद को टीबी मुक्त बनाया जाए। हमें कोई भी कार्य जज्बा,जोश और उत्साह के साथ करते हुए पूर्ण करना चाहिए। उन्होंने सीएमओ को निर्देशित किया कि उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पुरस्कृत किया जाएं व कार्य के प्रति असंवेदनशीलता बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएं।