जांच में पुलिस ने जुटाए ठोस साक्ष्य, कार्रवाई जल्द
गाजियाबाद। नंदग्राम सीवर हादसे में जल निगम के सहायक अभियंता और अधिशासी अभियंता भी लपेटे में आ सकते हैं। घटनाक्रम की जांच में पुलिस को दोनों अफसरों के खिलाफ ठोस साक्ष्य मिले हैं। सहायक अभियंता प्रवीण कुमार कुछ दिन पहले रिटायर हो गए हैं। जबकि अधिशासी अभियंता रविंद्र कुमार अभी सेवा में हैं। पुलिस की विवेचना में जल निगम के मुख्य अभियंता ज्ञानेश स्वरूप के अलावा अधीक्षण अभियंता कृष्ण मोहन यादव का भी नाम शामिल है। पुलिस क्षेत्राधिकारी (द्वितीय) इस प्रकरण की जांच कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि विवेचना अभी प्रचलित है। अभी किसी भी अधिकारी को क्लीन चिट नहीं दी गई है, मगर अभी तक की जांच में मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता की कोई भूमिका सामने नहीं आई है। उन्होंने बताया कि सहायक अभियंता और अधिशासी अभियंता के खिलाफ ठोस तथ्य हाथ लगे हैं। उन्होंने बताया कि जल्द औपचारिकता पूरी कर गिरफ्तारी की जाएगी। बता दें कि इस मामले में अब तक 4 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। इनमें जल निगम के अवर अभियंता अजमत अली समेत 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर चार्जशीट पेश की गई है। वहीं, 2 आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक की वजह से उनके खिलाफ बिना गिरफ्तारी आरोप पत्र दाखिल किया गया है। एक आरोपी रामबीर के परिजनों ने मंगलवार को विवेचक अवनीश कुमार से मिलकर मुकदमे की धारा बदलने की गुहार लगाई। आरोपी के परिजन सांसद डॉ. सतपाल सिंह की सिफारिश पर क्षेत्राधिकारी कार्यालय पहुंचे थे। हालांकि क्षेत्राधिकारी ने उनकी बात सुनने के बाद साफ कर दिया कि एक बार पहले मुकदमे की धारा बदली गई थी, मगर तथ्यों के आधार पर दोबारा से इसमें बदलाव हुआ है। अब इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।
















