जीवनशैली में बदलाव कर उच्च रक्तचाप के खतरे पर लगा सकते है रोक

डॉ. सुशील कुमार विमल
डिप्टी कमिश्नर
स्वास्थ्य मंत्रालय
भारत सरकार

(लेखक पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट हैं। बतौर सीनियर डॉक्टर देश के कई प्रतिष्ठित अस्पतालों में काम कर चुके हैं। वर्तमान में भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय में डिप्टी कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं। डॉ. विमल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ( IMA ) के साथ जुड़कर मेडिकल फ्रेटरनिटी के लिए काम कर रहे हैं। IMA ईस्ट दिल्ली ब्रांच के उपाध्यक्ष हैं )

विश्व उच्च रक्तचाप दिवस : हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन यानी उच्च रक्तचाप दुनिया भर में हृदय रोगों और समय से पहले मौत की सबसे बड़ी वजहों में एक है। मौजूदा मॉडर्न दौर में खराब जीवनशैली, असुरक्षित खानपान और फिजिकल एक्टिविटी में कमी के चलते उच्च रक्तचाप की दिक्कत लगातार बढ़ती जा रही है। सेहत की ये खतरनाक समस्या दुनिया में लाखों लोगों को प्रभावित करती है। चौंकाने वाली बात यह है कि बड़ी संख्या में पीड़ित लोग अपनी हालत से अनजान रहते हैं। उनके बीच जागरूकता और उच्च रक्तचाप की रोकथाम को बढ़ावा देने के लिए हर साल 17 मई को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मनाया जाता है। विश्व उच्च रक्तचाप दिवस वर्ष 2005 से दुनिया भर में मनाया जा रहा है। इस उच्च रक्तचाप दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को उच्च रक्तचाप और इसके परिणामों के बारे में जागरूक करना है, उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करना और उच्च रक्तचाप को रोकना है। हर साल उच्च रक्तचाप दिवस पर एक थीम दी जाती है, इस साल की थीम है अपने रक्तचाप को सटीक रूप से मापें, इसे नियंत्रित करें, लंबे समय तक जीवित रहें। आज की दुनिया में उच्च रक्तचाप से पीड़ित लगभग आधी जनसंख्या को जागरूकता की कमी, चिकित्सीय सुविधाओं तक पहुंच की कमी और सामर्थ्य की कमी के कारण अपने रक्तचाप की स्थिति के बारे में पता नहीं है। इसलिए, इन तनावों को ध्यान में रखते हुए, अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन स्वचालित कफ स्टाइल (ऊपरी बांह) निम्नलिखित पहलुओं को निमित रक्तचाप मापने वाली मशीनों की सिफारिश करता है।

हमारी बॉडी में जब धमनी की दीवारों पर ब्लड प्रेशर सामान्य सीमा से अधिक हो जाता है तो उसे उच्च रक्तचाप कहते हैं। उच्च रक्तचाप को कंट्रोल करने के लिए समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह हृदय रोग और स्ट्रोक के खतरे को काफी हद तक बढ़ा सकता है। इसलिए, दुनिया भर में जागरूक लोग 17 मई को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मनाने के लिए इकठ्ठा होते हैं। इस खास दिन पर समारोहों, कार्यक्रमों, रैलियों और प्रतियोगिताओं के जरिए जानकारी और जागरूकता बढ़ाने के साथ ही उच्च रक्तचाप से निपटने के उपायों पर चर्चा की जाती है।

ज्यादा तनाव से बिगड़ सकता है संतुलन
उच्च रक्तचाप और ज्यादा तनाव आपके दिमाग का संतुलन बिगड़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि उच्च रक्तचाप की बीमारी को पहचाने और समय से उसका इलाज शुरू कर देंगे अन्यथा आपके शरीर में केमिकल बदलाव की वजह से मानसिक रोग और हार्ट अटैक जैसी बीमारियां जन्म ले सकती हैं। हाइपरटेंशन का सबसे बड़ा कारण तनाव है। लगातार तनाव से शरीर में होने वाले रासायनिक बदलाव हाइपरटेंशन को जन्म देते हैं। गुस्सा आना एक सामान्य प्रक्रिया है। कोई बात आपको गलत लगती है तो गुस्सा आ सकता है लेकिन गुस्सा जब आदत में तब्दील होने लगे तो यह स्थित हाइपरटेंशन का कारण बन जाती है। बात-बात पर गुस्सा करना, नकारात्मक विचार आना या गुमसुम रहना तनाव और डिप्रेशन की शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। पिछले 10 वर्षों में हाइपरटेंशन के मामले तेजी से बढ़े हैं। आंकड़े बताते हैं कि शहरी क्षेत्र में 33 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्र में 25 प्रतिशत लोग इस बीमारी से ग्रस्त हैं। वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे का आयोजन इस बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया जाता है, ताकि लोग इसे गंभीरता से लें और बचाव के बारे में जानकारी कर स्वस्थ जीवन जिएं। महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में हाइपरटेंशन की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। हाइपरटेंशन लाइफस्टाइल और गलत खानपान के कारण होती है, हालांकि कई बार बीमारी अनुवांशिक भी होती है लेकिन थोड़ा ध्यान रखकर इससे बचा जा सकता है।

ऑनलाइन गेम्स की लत से बच्चों में बढ़ी आक्रामकता
ऑनलाइन गेम्स के एडिक्ट (लत) बच्चों में आक्रामकता बढ़ रही है। आधुनिक जीवनशैली और परिवार में तनाव के कारण भी बच्चों में हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) की संख्या में वृद्धि हो रही है। हाइपरटेंशन के कारण, बच्चों में हृदय से संबंधित समस्याएं बढ़ी हैं। उच्च रक्तचाप के कारण, मस्तिष्क को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण की कमी होने से मस्तिष्क का विकास प्रभावित हो रहा है। हाइपरटेंशन के कारण बच्चों का वजन बढ़ रहा है।

1) नव उच्च रक्तचाप निदान रोगी।
2) जो लोग दवाओं की प्रभावशीलता को देखने के लिए उच्च रक्तचाप रोधी दवाएं ले रहे हैं।
3) मोटापा, शराब पीना, धूम्रपान करना जैसे कारकों से ग्रस्त व्यक्ति।
4) गर्भवती महिला गर्भावस्था प्रेरित उच्च रक्तचाप (पीआईएच) को रोकने के लिए

कम विश्वसनीय रीडिंग के कारण कलाई और उंगली की मशीनों की अनुशंसा नहीं की जाती है। सामान्य रक्तचाप 120/80 या उससे कम है यदि सीमा उच्चरक्तचापरोधी 120-140/80-90 तो यह प्री-हाइपरटेंसिव चरण है। यदि रक्तचाप >140/>90 मिमी एचजी से अधिक है तो यह उच्च रक्तचाप है और रोगियों को तत्काल चिकित्सा सलाह लेनी चाहिए। रक्तचाप मापने की सटीक विधि यह है, यदि रोगी ने कॉफी पी है, धूम्रपान किया है या कोई व्यायाम किया है तो उस व्यक्ति या रोगी को लगभग आधे घंटे के लिए कुर्सी पर बैठा दें। ब्लड प्रेशर मशीन का कफ ऊपरी बांह के 80 प्रतिशत हिस्से को कवर करना चाहिए और सटीक रीडिंग ली जानी चाहिए।

रोकथाम के लिए चार स्तंभ
1) जीवन शैली में संशोधन – शारीरिक गतिविधि
जैसे चलना, दौड़ना, तैरना, नृत्य करना। प्रति सप्ताह कम से कम 150 मिनट (अर्थात प्रतिदिन 20-25 मिनट मध्यम व्यायाम या 15 मिनट अर्थात 10-12 मिनट स्वस्थ हृदय के लिए हाई इंटेंसिटी एरोबिक व्यायाम अनुशंसित)।
2) लत – शराब, धूम्रपान, नशीली दवाओं का सेवन (विशेष रूप से युवा लोगों या जिम प्रेमियों के बीच लोकप्रिय स्टेरॉयड और एनएसएआईडी जैसी अनावश्यक दवाओं से बचें) और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बचना चाहिए क्योंकि यह शारीरिक के साथ-साथ मानसिक रूप से भी प्रभावित करता है क्योंकि इससे शारीरिक गतिविधि कम होती है। सोशल मीडिया में लिप्त रहने के कारण मानसिक स्थिति तनावपूर्ण हो जाती है और यह जरूरत से ज्यादा जानकारी (गलत सूचना) भी देता है।
3) आहार – अधिक फल, हरी सब्जियां लेनी चाहिए और नमक न्यूनतम मात्रा में यानी दो ग्राम से कम प्रतिदिन लेने की सलाह दी जाती है। नमक की अधिकता वाले खाद्य पदार्थ जैसे जंक फूड, अचार, वसायुक्त भोजन आदि।
4) तनाव मुक्त जीवन – तनाव मुक्त जीवन जीने के लिए योग, संगीत सुनना, ध्यान करना, रचनात्मकता का पालन करना (अपने शौक पूरे करना) की सलाह दी जाती है।