नोएडा। शहर में Data Center का संचालन करने में अब कोई अड़चन नहीं आएगी। इसके लिए नोएडा प्राधिकरण ने महत्वपूर्ण पहल की है। भवन विनियमावली और मास्टर प्लान में संशोधन कर दिया गया है। आईटी व आईटीईएस भूखंडों में भी Data Center चलाया जा सकेगा। इसकी अनुमति दी जाएगी।
डाटा संग्रहण की बढ़ती डिमांड को ध्यान में रखकर नोएडा प्राधिकरण ने भवन विनियमावली-2010 व मास्टर प्लान-2031 में रद्दोबदल किया है। वर्तमान में प्रचलित भवन विनियमावली में Data Center की गतिविधि अनुमन्य नहीं थी। भवन विनियमावली में संशोधन होने के बाद आईटी व आईटीईएस भूखंडों में Data Center के संचालन की परमिशन मिल सकेगी। भवन विनियमावली के मुताबिक कवर्ड एरिया व फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) भी अनुमन्य होंगे। ऐसे संस्थागत भवन विनियमावली के क्रमांक संख्या-16 में डाटा सेंटर को जोड़कर कवर्ड एरिया 60 प्रतिशत रखा गया है। इसका अधिकतम एफएआर 3.0 होगा। जबकि आवंटी भवन की ऊंचाई बढ़ाने के लिए 1.0 एफएआर खरीद भी सकेगा।
इस संशोधन के साथ औद्योगिक क्षेत्र में आईटी/आईटीइएस और Data Center हेतु आवंटित भूखंडों पर भी कवर्ड एरिया, एफएआर व ऊंचाई, पार्किंग का प्राविधान संस्थागत श्रेणी की भांति लागू होगा। वहीं, मास्टर प्लान-2031 के जोनिग रेगुलेशन में Data Center नीति को समायोजित किया गया है। उप्र सरकार ने नोएडा का चयन सूचना प्रौद्योगिकी क्लस्टर के रूप में किया है। नोएडा प्राधिकरण के कदम से शहर में Data Center खोलने के काम में तेजी आने की संभावना है। देशभर में डाटा संग्रहण की डिमांड तेजी से बढ़ रही है।
















