पुलिस को फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट का भी इंतजार
ग्रेटर नोएडा। पंच विहार कॉलोनी में खुदाई के दरम्यान बरामद हड्डियों पर रहस्य कायम है। इस रहस्य से पर्दा उठाने के लिए पुलिस हरसंभव कोशिश कर रही है। खुदाई में मिली हड्डियों को अब डीएनए टेस्ट के लिए भेजा गया है। फॉरेंसिक जांच और डीएनए टेस्ट के बाद यह मालूम पड़ेगा कि आखिर यह हड्डियां किसकी थीं ? पुलिस को आशंका है कि खुद की मौत होने का षडयंत्र रचने वाले आरोपी ने किसी और का मर्डर कर शव को वहां तो दबा नहीं दिया था। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। फिलहाल यह मामला सुर्खियों में है। चर्चाओं का बाजार गरम है। नागरिक तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं।
एडीसीपी सेंट्रल नोएडा अंकुर अग्रवाल ने बताया कि बेसमेंट की खुदाई के दौरान मिली हड्डियों को फॉरेंसिक जांच और डीएनए टेस्ट के लिए भेजा गया है। डीएनए रिपोर्ट से स्पष्ट हो सकेगा कि बेसमेंट की खुदाई में मिली हड्डियां किसकी थी। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद आरोपी राकेश की असलियत का पता चल सकेगा। दरअसल, पुलिस का मानना है कि जो व्यक्ति अपनी मौत का षडयंत्र रचने के लिए दोस्त का कत्ल कर सकता है हो सकता उसने अपनी बीवी व बच्चों को बचाने के लिए किसी दूसरे को मार दिया हो। इसलिए डीएनए रिपोर्ट के बाद असलियत का पता चल सकेगा। इसके बाद पुलिस महिला और बच्चों के अपरहण के मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ाएगी।
कासगंज पुलिस द्वारा आरोपी राकेश को गिरफ्तार कर तिहरे हत्याकांड का खुलासा किए जाने के बाद बिसरख पुलिस पर सवाल उठे हैं। दरअसल, तीन साल पहले बिसरख कोतवाली में महिला और उसके दोनों बच्चों के गायब होने पर आरोपी पिता राकेश के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज करवाया गया था। यदि पुलिस सही समय पर कार्रवाई करते हुए आरोपी राकेश को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ करती तो शायद उसी समय घटना का खुलासा किया जा सकता था। कासगंज पुलिस के खुलासे के बाद सिरफिरे आशिक आरोपी राकेश के पागलपन का सच सामने आया है। सिरफिरे आशिक राकेश ने प्रेमिका रूबी को वैलेंटाइन डे के दिन पत्नी और बच्चों की हत्या का तोहफा दिया था। जिसके बाद प्रेमिका को अपने प्रेमी राकेश पर विश्वास हो गया था कि वह उसके लिए कुछ भी कर सकता है। जिसके बाद दोनों के बीच नज़दीकिया बढ़ गई।
















