ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण का मास्टर प्लान-2041 जल्द तैयार होने की उम्मीद है। प्रस्तावित मास्टर प्लान को बोर्ड बैठक से पास कराकर उत्तर प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। मास्टर प्लान के मुताबिक 2041 तक इस क्षेत्र में 8 लाख भवनों के निर्माण की जरूरत होगी। बढ़ती आबादी के मद्देनजर ऐसा करना पड़ेगा। यमुना प्राधिकरण द्वारा मास्टर प्लान-2041 तैयार कराया जा रहा है। अगस्त के पहले सप्ताह में मास्टर प्लान तैयार होने की उम्मीद है। निजी कंपनी को यह काम सौंपा गया है।

संबंधित कंपनी अगले माह के प्रथम सप्ताह में यमुना प्राधिकरण को विस्तृत रिपोर्ट सौंप देगी। तदुपरांत मास्टर प्लान को यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। उप्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इस पर काम शुरू हो सकेगा। यमुना प्राधिकरण ने मास्टर प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी मार्स कंपनी को सौंपी है। कंपनी प्रतिनिधियों ने मास्टर प्लान के संबंध में यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ कई दौर की वार्ता कर प्रजेंटेशन भी दिया है। यमुना प्राधिकरण के अधिकारी इसमें समय-समय पर सुझाव देते रहे हैं।
मास्टर प्लान-2041 अब लगभग तैयार हो गया है। संभावना है कि अगस्त के पहले सप्ताह में कंपनी द्वारा मास्टर प्लान को यमुना प्राधिकरण को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद यमुना प्राधिकरण मास्टर प्लान को स्वीकृति के लिए बोर्ड बैठक में रखेगा। बोर्ड से अनुमति मिलने के पश्चात इसे प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा ताकि सरकार इस पर अंतिम मुहर लगा सके। राज्य सरकार से मास्टर प्लान पास होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। 2041 के मास्टर प्लान में कई खासियत हैं।
यमुना प्राधिकरण पिछले मास्टर प्लान की तुलना में इस बार हरित क्षेत्र बढ़ाएगा। इसके अलावा मिश्रित भू उपयोग के प्रतिशत में भी वृद्धि की जानी है। मास्टर प्लान में औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय सेक्टरों का प्रावधान किया जा रहा है। 2041 तक यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में 40 लाख नागरिकों के निवास करने की उम्मीद है। इसके लिए 8 लाख भवनों के निर्माण की आवश्यकता पड़ेगी। इसे भी ध्यान में रखा जा रहा है।
















