जनसंख्या में बढ़ोत्तरी देश के लिए बन रही है चुनौती

उदय भूमि ब्यूरो
पिलखुआ। हमारे देश में लगातार बढ़ती जनसंख्या एक विकराल रूप धारण करती जा रही है। आम आदमी के जीवन स्तर पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। संसाधनों की कमी कुपोषण अशिक्षा तथा जीवन शैली में सुधार नहीं हो पा रहा है। उदय भूमि समाचार पत्र के प्रतिनिधि नरेंद्र तोमर ने समाज के लोगों से जन संख्या नियंत्रण विषय पर बातचीत की जानिए उनके विचार।
रिटायर्ड संयुक्त शिक्षा निदेशक चिकित्सा डॉक्टर ओ पी अग्रवाल कहते हैं कि आज जनसंख्या की बढ़ोतरी एक बड़ी समस्या है। प्रत्येक भारतवासी को इस संदर्भ में एकमत होकर इस पर नियंत्रण करने के लिए विचार करना चाहिए। शासन से राष्ट्र के हित में मांग की जानी चाहिए कि वह जनसंख्या नियंत्रण कानून बिना देरी किए बनाकर लागू कराएं। 2 से अधिक बच्चों वालों के मताधिकार के प्रयोग तथा चुनाव लड़ने पर रोक लगनी चाहिए। यह देश हित में एक सार्थक पहल होगी।

विजय चौहान एडवोकेट ने कहा की जनसंख्या वृद्धि पर बिना किसी देरी लगाम लगनी चाहिए। अन्यथा भविष्य में आवास भोजन अन्य संसाधनों की बहुत कमी हो जाएगी। सरकार को चाहिए कि वह शीघ्र अति शीघ्र जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करें। 2 से अधिक बच्चों वाले को मताधिकार से वंचित रखना चाहिए। जिससे समाज में बदलाव संभव हो।

खेड़ा निवासी राहुल तोमर ने बताया की जनसंख्या प्राकृतिक संसाधनों को प्रभावित करती है। यह बेरोजगारी का कारण बन रही है। इसलिए जनसंख्या नियंत्रण कानून जल्द से जल्द प्रभावी ढंग से लागू होना चाहिए। जो लोग इस कानून का विरोध करेंगे वह देश हित में नहीं होगा।

 

प्रधानाचार्य धर्मेंद्र कुशवाहा ने बताया की जनसंख्या पर तुरंत रोक लगाया जाना जरूरी है। यदि इस और शासन द्वारा शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो इसके परिणाम भविष्य में भयावह होंगे। जनसंख्या नियंत्रण कानून वर्तमान की मांग है। जिसे तुरंत लागू किया जाना चाहिए।