पाकिस्तान में सियासत : सत्ता के खिलाफ महागठबंधन

-प्रधानमंत्री इमरान को हटाने के लिए विपक्षी दल एकजुट

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ प्रमुख विपक्षी दलों ने मोर्चाबंदी की है। इमरान सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए यह गठबंधन किया गया है। इसके तहत देशभर में विरोध-प्रदर्शन किए जाएंगे। विपक्षी दलों ने सर्वदलीय सम्मेलन कर 26 बिंदुओं का प्रस्ताव पारित किया है। ऐसे में प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें बढऩा तय हैं। सर्वदलीय सम्मेलन की मेजबानी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने की। जेयूआई (एफ ) प्रमुख मौलाना फज़ल उर रहमान ने कहा है कि विपक्षी दल पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) नामक गठबंधन के लिए तैयार हो गई हैं। इसके बैनर तले पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी की सत्ता के खिलाफ अक्तूबर से देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रस्ताव में सेना का नाम लिए बगैर आरोप मढ़ा गया है कि इमरान खान की सरकार को उसी संस्थान ने फर्जी स्थिरता दी है, जिसने मौजूदा शासकों को सत्ता में लाने हेतु चुनाव में दखल दिया था। देश के अंदरूनी मामलों में संस्थान की बढ़ती दखलअंदाजी बेहद चिंता का विषय है। पहले चरण में विपक्षी दल सभी 4 राज्यों में अक्तूबर में संयुक्त रैलियां करेंगी। दूसरे चरण में दिसंबर से देशभर में बड़ी रैलियां की जाएंगी। तदुपरांत जनवरी-2021 में सरकार को सत्ता से हटाने के लिए निर्णायक मार्च शुरू होगा। विपक्ष ने पुन: चुनाव कराने की मांग की है। संसद को रबड़ स्टैंप बताकर पीडीएम ने घोषणा की कि विपक्ष विधायी प्रक्रिया में सरकार के साथ सहयोग नहीं करेगा। संयुक्त प्रस्ताव में देश में सरकार की राष्ट्रपति प्रणाली लाने की किसी भी कोशिश को खारिज किया गया है। विपक्षी दलों का कहना है कि यदि बदलाव नहीं होता है तो मुल्क को अपूरणीय क्षति होगी। पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी वीडियो लिंक के जरिए सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को दबाने के लिए सरकार नए-नए हथकंडे अपना रही है।