-लोनी पुलिस ने सकुशल लखनऊ से बरामद किया बच्चा, 8 महिला समेत 11 गिरफ्तार
-बहन के बच्चा न होने पर गैंग से खरीदा था बच्चा
गाजियाबाद। लोनी कोतवाली पुलिस ने 10 दिन पूर्व डाबर तालाब से अपहरण किए गये नवजात शिशु को लखनऊ से सकुशल बरामद कर लिया। साथ ही नवजात शिशु के अपहरण में शामिल 11 आरोपियों को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि अभी अपहरण में शामिल तीन आरोपी अभी फरार चल रहे हैं। पुलिस ने बरामद बच्चे को परिजनों के हवाल कर दिया है। बरामद नवजात शिशु को पुलिस ने परिजनों के हवाले कर दिया है। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजकर फरार चले आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है। शनिवार को लोनी थाने में पत्रकारवार्ता करते हुए एसपी देहात डॉ. ईरज राजा ने सीओ अतुल सोनकर एवं लोनी थाना प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश सिंह की मौजूदगी में गिरोह का पर्दाफाश किया। एसपी देहात ने बताया कि एसएसपी के निर्देश पर कई टीमें गठित की गई थी। लोनी थाना प्रभारी ओमप्रकाश सिंह ने दारोगा हरिओम वर्मा, दारोगा विशाल, सर्विलांस टीम के साथ गिरोह में शामिल 8 महिला तरमीम पत्नी रफीक, रूबिना पत्नी रफीक,प्रीति पत्नी सुमित,सरोज पत्नी गुरदीप,ज्योति पत्नी राहुल,सरोज पत्नी निहाल,मोनी उर्फ मोनिका पत्नी इमरान,असमीत कौर पत्नी गुरमीत,गुरमीत निवासी तिलकनगर दिल्ली,आलोक अग्निहोत्री पुत्र श्यामनाथ निवासी मधुबन नगर आलम बाग लखनऊ,वाहिद पुत्र इदरीश निवासी विजयनगर को गिरफ्तार किया गया। 12 मई को डाबर तालाब कालोनी में रहने वाली फातमा पत्नी फरियाद ने पुलिस को सूचना दी कि दोपहर के समय एक व्यक्ति और महिला घर आए और चीनी में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर दिया। जिसके बाद 15 दिन के नवजात शिशु रमजानी का अपहरण कर फरार हो गये। पीडि़त परिजनों की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ लोनी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर ली। नवजात शिशु की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमों का गठन कर तलाश में जुट गये। पुलिस जांच में पता चला कि नवजात शिशु लखनऊ है। जांच पड़ताल के बाद पुलिस टीम लखनऊ पहुंची और नवजात शिशु रमजानी को आलोक अग्निहोत्री पुत्र श्यामानाथ निवासी मधुबन नगर के आलम बाग से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी अग्निहोत्री को भी मौके से गिरफ्तार कर लोनी कोतवाली वापस लौट आए। अन्य आरोपियों की जानकारी मिलने पर पुुलिस ने 10 आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी आलोक अग्निहोत्री ने बताया कि मेरी बहन के कोई बच्चा नही हुआ। जिसके लिए मैने 5 लाख 50 हजार रुपये में असमीत कोर व उसके पति गुरमीत कोर निवासीगण तिलक नगर दिल्ली से खरीदा है। उसने गुरमीत और असमीत कौर से साढ़े पांच लाख रुपये में यह बच्चा खरीदा था। उन दोनों ने बच्चे को चोरी कराया था। उन दोनों का नंबर हैडी हंट नामक वेबसाइट पर है। जिन्हें बच्चे की आवश्यकता होती है, उन्हें कॉल करता है। उन्होने बताया यह बच्चा वाहिद व तरमीन द्वारा चोरी करके रूबीना व मोनिका को दिया गया। इनके द्वारा यह बच्चा प्रभा व उसके दोस्त शिवा को दिया गया। उन्होंने असमीत कोर व उसके पति गुरमीत के पास पहंचाया गया। उन्होंने बताया कि नवजात बच्चा चोरी करके ये बेचने का काम करते हैं।
गिरोह बनाकर करते थे बच्चा चोरी
सीओ लोनी अतुल कुमार ने बताया कि पकड़ा गया गैंग काफी बड़ा गैंग है। जिसके नेटवर्क कई जगह फैला हुआ है। बच्चा चोरी कर नवजात बच्चे को लाखों रुपये में बेचने का काम करते हैं। गिरफ्तार आरोपियों ने अपना जुर्म इकबाल कर लिया है। बेचे गये नवजात शिशु की रकम में से पुलिस ने 5 लाख रुपये बरामद कर लिये हैं। आरेेपियों ने बताया कि 50 हजार रुपये खर्च कर लिए हैं। असमीत कोर ने पूछताछ में ये भी बताया कि मेरा मोबाइल डैली हरनामक वैवसइड पर पड़ा है। जिसको बच्चे की आवश्यकता होती है। वह मुझे फोन करके बताता है। हमारा बच्चा चोरी करने वाला गैंग मोटी रकम लेकर बच्चे की उपलब्धता कराने का काम करता है। आरोपियों ने अपने नाम वाहिद पुत्र इदरीश निवासी विजय नगर गाजियाबाद, तरमीम पत्नी रफीक, रूबिना पुत्री रफीक निवासीगण उसमान कालोनी डासना, प्रीति पत्नी सुमित निवासी बजीराबाद दिल्ली, सरोज पत्नी गुरूदीप निवासी विकासपुरी दिल्ली, ज्योति पत्नी राहुल द्वारका दिल्ली, सरोज पत्नी निहाल बुद्घ विहार, मौनी उर्फ मोनिका पत्नी इमरान उसमान गढ़ी डासना, असमीत कोर पत्नी गुरमीत तिलकनगर दिल्ली, गुरमीत आलोक अग्निहोत्री बताया है। बरामद नवजात शिशु को दंपत्ति फातमा व फरियाद के सुपुर्द कर दिया है। सीओ ने बताया कि अपहरण में शामिल प्रतिभा, इंदु व शिवा अभी फरार हैं। जिनकी पुलिस तलाश में जुटी है।
















