लगभग दो किमी लंबे नाले के लिए होगा एक हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण

-उपजिलाधिकारी ने जमीन क्रय के लिए ग्राम देहरा में किया निरीक्षण

अनिल तोमर, उदय भूमि ब्यूरो
धौलाना।
यूपीएसआइडीसी के अपशिष्ट पदार्थों से निकलने वाले पानी से अब भूगर्भ दूषित नहीं होगा और उद्यमियों को जलभराव से निजात मिलेगी। इसके लिए जल्द ही औद्योगिक क्षेत्र में एक नाले का निर्माण होने जा रहा है। लगभग दो किमी लंबे नाले के लिए एक हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। उपजिलाधिकारी ने सोमवार को जमीन अधिग्रहण के लिए यूपीएसआइडीसी के सहायक अभियंता डोरी लाल के साथ ग्राम देहरा का निरीक्षण किया है।
वर्ष 1991 में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के साथ मून वेवरेज प्राइवेट लिमिटेड पूर्व में हिंदुस्तान कोका कोला वेवरेज प्राइवेट लिमिटेड से लेकर मांट ब्रांच (गंगनहर) तक खेतों से होकर नाला निकाला गया था। फैक्ट्रियों के दूषित पानी के कारण ग्राम उदयरामपुर नंगला और देहरा के किसानों की फसल तबाह हो रही थी। यह देखते हुए लगभग दो साल पहले किसानों ने नाला बंद कर दिया था। इसके चलते मांट ब्रांच तक पानी पहुंचने बंद हो गया था और औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव की समस्या उत्पन हो गई थी। दुर्गंध के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तभी से उद्यमी जिला प्रशासन से समस्या के समाधान को लेकर मांग कर रहे थे। इस समस्या को देखते हुए यूपीएसआइडीसी की क्षेत्रीय प्रबंधक स्मिता सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा था। अब जिलाधिकारी अनुज सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नाला निर्माण के लिए कार्यवाही शुरू कर दी है।
उपजिलाधिकारी ने बताया कि मून वेवरेज प्राइवेट लिमिटेड से हसनपुर ड्रेन तक नाला निर्माण कार्य कराया जाएगा। जिससे औद्योगिक क्षेत्र में एकत्रित होने वाले दूषित पानी से उद्यमियों को निजात मिल सकेगी। प्रस्तावित नाला दो मीटर चौड़ा और गहरा होगा। नाला संबंधित रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को भेजी जा रही है।
औद्योगिक क्षेत्र में एक हजार फैक्ट्रियां:
औद्योगिक क्षेत्र में लगभग एक हजार फैक्ट्रियां है। जिनमें लगभग पचास हजार से अधिक कामगार कार्यरत है। जलभराव के कारण उद्यमियों और श्रमिकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता था। खासकर बरसात के दिनों में बुरा हाल हो जाता था।