-महिला आयोग उपाध्यक्ष, डीएम ने महिलाओं के साथ सीधा संवाद में सुनी समस्या
गाजियाबाद। केंद्र व राज्य की सरकारें महिलाओं को सशक्त और स्वावलंबी बना रही है। इसके लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध के मामलों में आयोग और सरकार दोनों ही गंभीर हैं। अब महिलाएं आधी रात को भी बेखौफ होकर घर से बाहर निकल रही है। यह बातें गुरुवार को मिशन शक्ति फेज-04 के अन्तर्गत कलेक्ट्रेट के महात्मा गांधी सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उ0प्र0 राज्य महिला आयोग यूपी राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष अंजू चौधरी ने कहीं। उन्होंने कहा केंद्र व प्रदेश सरकार महिलाओं के हितों को संरक्षित करने के लिए कृत संकल्पित हैं। सरकार की महत्वकांक्षी योजना मिशन शक्ति फेज-4 क्रियान्वित है। महिलाएं पुरुषों से किसी भी क्षेत्र में कमतर नहीं हैं, वह हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा से लोहा मनवा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतियों का लाभ लेते हुए महिलाएं पुरुषों के साथ न केवल कदमताल कर रही हैं, बल्कि कतार में आगे खड़ी नजर आ रहीं हैं। यदि किसी भी महिला या बालिका को कोई भी समस्या है तो वह राज्य महिला आयोग को प्रार्थना पत्र भेजकर अपनी समस्या का निदान करा सकतीं हैं।

इस दौरान उन्होंने महिला उत्पीडऩ में दहेज एवं छेड़छाड़ आदि जैसे की प्राप्त शिकायतों पर अधिकारियों को प्राथमिकता पर कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी संबंधित पीडि़त महिला को समय से अनुग्रह राशि उपलब्ध कराकर राहत पहुंचायें इसके साथ ही घरेलू हिंसा के मामलों में पति-पत्नी दोनों पक्षों को थाने पर बुलाकर सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण करायें। कार्यक्रम में 26 प्रतिभागीयों के द्वारा महिलाओं की सुरक्षा, स्वालम्बन के साथ ही महिलाओं के प्रति हो रही उत्पीडऩ की घटनाओं व बालिकाओं की शिक्षा के सम्बन्ध में अपने प्रश्न रखे गए जिनका उपाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी द्वारा समाधान किया गया।

उपाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने महिलाओं के साथ सीधा संवाद करते हुए उनकी समस्याओं को सुना और अधिकारियों को मौके पर समस्याओं के निस्तारण के संबंध में निर्देशित किया। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने प्रोबेशन विभाग द्वारा जनपद में संचालित मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष, आशा ज्योति, महिला हेल्पलाइन, घरेलू हिंसा, दहेज प्रतिषेध, निराश्रित पेंशन, पुत्रियों के विवाह व पुर्नविवाह अनुदान आदि योजनाओं की प्रगति से उपाध्यक्ष को अवगत कराया।
जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि महिला कल्याण के लिए सभी योजनाओं के लम्बित प्रकरणों पर तत्परता के साथ संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर प्राथमिकता पर जांच करा कर जनपद की महिलाओं को समय सीमा के अंदर एवं गुणवत्ता के साथ योजना का लाभ दिलाया जा रहा है। अपर उपजिलाधिकारी शाल्वी अग्रवाल ने सभागार में उपस्थित महिलाओं को डायल 112 एवं 1090 की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर हर थाने में महिला हैल्प डेस्क की स्थापना की गयी है, जिससे महिलाएं नि:संकोच होकर अपनी बात रख सकती हैं उनकी हर सम्भव मदद की जाएगी। कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 सुनील त्यागी, बेसिक शिक्षा अधिकारी बृज भूषण चौधरी, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमर जीत सिंह सहित अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके उपरांत उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अंजू चौधरी ने अपने निर्धारित भ्रमण कार्यक्रम के अनुसार विकास खण्ड रजापुर में कुशलिया ग्राम में महिलाओं के समक्ष चौपाल लगाई। रजापुर ब्लॉक में कुशलिया ग्राम में आयोजित चौपाल में आयोग की उपाध्यक्ष ने महिलाओं की गोद भराई तथा 03 बच्चों का अन्नप्राशन किया। चौपाल में महिला जनसुनवाई के दौरान अधिकतर शिकायतें घरेलू एवं भूमि विवाद से सम्बन्धित पायी गयीं। उपाध्यक्ष द्वारा पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण एवं अभिलेखीय आधार पर जांच करते हुए समस्याओं का निदान करने के निर्देश दिये। चौपाल में अपर उपजिलाधिकारी शाल्वी अग्रवाल, एडीओ समाज कल्याण, संबंधित ग्राम प्रधान समेत सम्बन्धित अधिकारी, आमजन एवं महिलाएं उपस्थित रहीं।
















