गाजियाबाद। बिजली विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ विद्युत वितरण खंड-8 जिसके अंतर्गत इंदिरापुरम वैशाली कौशांबी वसुंधरा आवासीय योजना के अधीक्षण अभियंता ऑफिस के बाहर गुरुवार को गाजियाबाद बिल्डर वेलफेयर एसोसिएशन एवं इंदिरापुरम रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शांतिपूर्ण धरना दिया। गाजियाबाद बिल्डर वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव मनोज गोयल ने बताया कि विभाग भ्रष्टाचार के कारण 9 मीटर गली में हर भूखंड के सामने ट्रांसफार्मर लगा रहा है। नियम यह है कि यदि किसी भूखंड का मानचित्र प्राधिकरण के द्वारा स्वीकृत है। स्वीकृत मानचित्र के अनुसार ही बिजली का लोड की गणना करनी चाहिए। 2005 मेंं बिजली विभाग का नियम था कि यदि किसी भूखंड पर 25 किलो वाट का लोड होता है तो उस पर ट्रांसफार्मर लगेगा। मगर 2018 में 25 किलो वाट की जगह 50 किलो वाट से अधिक लोड पर ट्रांसफर लगाने का प्रावधान किया गया। परंतु भ्रष्टाचार के कारण बिजली विभाग के कर्मचारी नागरिकों का शोषण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यदि प्रत्येक भूखंड के सामने ट्रांसफार्मर लगा दिए जाएंगे।

क्योंकि सड़क की चौड़ाई मात्र 9 मीटर है और ट्रांसफर में दोनों तरफ लगा दी जाएंगे तो सड़क बिल्कुल खत्म हो जाएगी। गली में रहने वाले बच्चे आग के गोले पर सड़क पर खेलेंगे। उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अधीक्षण अभियंता एन के प्रसाद को दिया गया था। उसमें बिजली विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई की जांच की मांग की गई। अधीक्षण अभियंता ने आश्वासन दिया कि जो भी नक्शा प्राधिकरण पास करेगा। उसी के अनुसार लोड पास होगा। 50 किलो वाट से अधिक लोड पर ही ट्रांसफार्मर की व्यवस्था विभाग करेगा। इस दौरान उपाध्यक्ष सुरेंद्र अरोड़ा, प्रदीप गुप्ता, गगन नारंग, राकेश कामरा, महेश शर्मा, सुमित, सिद्धांत अरोड़ा, नितिन एवं गाजियाबाद बिल्डर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव शर्मा और रेजिडेंट व सहायक अभियंता अरविंद चौधरी, प्रिय गौतम मौजूद रहे।
















