-जैविक खाद का प्रयोग शहर के पार्कों, ग्रीन बैल्ट, गोल चक्कर के सौंदर्यीकरण में होगा प्रयोग
गाजियाबाद। शहर के पार्कों और नर्सरी में जैविक खाद तैयार कर जीडीए अब शहर में हरियाली बढ़ाने के लिए इसे तैयार करेगा। यह खाद तैयार होने के बाद इसका पार्कों और ग्रीन बैल्ट में प्रयोग करेगा। इसके प्रति लोगों को भी जागरूक करेंगे। साथ ही उन्हें जैविक खाद देने की भी व्यवस्था की जाएगी। जीडीए के उद्यान प्रभारी एसके भारती का कहना है कि शहर को हराभरा बनाने के लिए जीडीए द्वारा जैविक खाद तैयार करने की प्लानिंग की जा रही है। यह बड़े पार्कों और नर्सरी में खाद तैयार किया जा सकता है। इस खाद का इस्तेमाल पार्क और ग्रीन बैल्ट में किया जा सकेगा। इसके साथ ही लोगों को भी जैविक खाद के लिए प्रति जागरूक किया जाएगा। शहर में जीडीए का सिटी फॉरेस्ट के अलावा छोटे-बड़े 140 पार्क हैं। इनमें से करीब 10 बड़े पार्क विकसित है। जबकि जीडीए तीन नर्सरी का भी संचालन कर रहा है। इनमें पौध तैयार की जाती है। शहर को हरियाली युक्त बनाने के लिए अब जैविक खाद तैयार करने की योजना बनाई जा रही है। पहले चरण में नर्सरी और बड़े पार्कों में जैविक खाद तैयार किया जाएगा।

जीडीए के उद्यान प्रभारी का कहना है कि सिटी फॉरेस्ट, नर्सरी और बड़़े पार्कों के एक हिस्से में जैविक खाद तैयार करने की योजना है। ताकि तैयार जैविक खाद का प्रयोग शहर के पार्कों, ग्रीन बैल्ट, गोल चक्कर के सौंदर्यीकरण के लिए किया जा सकें। जैविक खाद से पौधों को काफी फायदा होता है। जैविक खाद का जीडीए भी प्रयोग करेगा। इसके बारे में लोगों को भी जागरूक किया जा सकता है। लोगों को इसके बारे में जानकारी दी जाएगी। अगर जीडीए की यह योजना सफल रही तो लोगों को भी जैविक खाद उपलब्ध कराने की योजना है। ताकि लोग अपने यहां पर लगाने वाले पौधों में इस खाद का प्रयोग कर सकें। यह जैविक खाद सिटी फॉरेस्ट,पार्क और नर्सरी के एक हिस्से में तैयार किया जाएगा। इसके लिए सभी पार्क और ग्रीन बैल्ट में लगे पेड़-पौधों के पत्तों, लकडिय़ों वनस्पति सामग्री आदि को एकत्र किया जाएगा। इसके बाद बड़े पार्क या नर्सरी में भेजी जाएगी। इन्हें गलाकर जीवांश पदार्थ या कार्बनिक पदार्थ पदार्थ किए जाएंगे। इसमें पशुओं का बिछावन,गोबर,मल मूत्र को भी शामिल किया जाएगा।
जीडीए का उद्यान अनुभाग केंचुआ खाद तैयार करने पर भी विचार कर रहा है। इसे तैयार करने के लिए नर्सरी,पार्क में छायादार जगह देखी जाएगी। उसके बाद वहां पर चारे को बिछाया जाएगा। चारे के ऊपर पशुओं की खाद की परत बिछाई जाएगी। वहां पर फिर केंचुआ को छोड़ेंगे। इसके बाद बोरी व प्लास्टिक से पूरे खाद को ढका जाएगा। इसके लिए केंचुओं की व्यवस्था करनी हागी। जीडीए का शहर में सबसे बड़ा पार्क सिटी फॉरेस्ट है। इसके अलावा राजेंद्रनगर स्थित डॉ.र ाम मनोहर लोहिया पार्क, सेंट्रल पार्क राजनगर, मधुबन-बापूधाम में सिटी पार्क, स्वर्णजयंती पार्क इंदिरापुरम, मानव औषधि पार्क राजनगर, संजयनगर सेक्टर-23 स्थित शिल्प उद्यान पार्क, कविनगर में ग्रीन पार्क, इंदिरापुरम में ग्रीन वैली, अवंतिका बाई पार्क, आंबेडकर पार्क वैशाली आदि बड़े पार्क भी हैं।
















