ऑन डिमांड यूपी, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा व दिल्ली-एनसीआर में चुराते थे लग्जरी कार, क्राइम ब्रांच ने किया पर्दाफाश 

-चोरी की पांच कार समेत चार वाहन चोर गिरफ्तार

गाजियाबाद। यूपी, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा व दिल्ली-एनसीआर में लग्जरी कार चोरी करने वाले गिरोह के चार शातिर अंतरराज्यीय वाहन चोरों को क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया है। जिनके कब्जे से पुलिस ने चोरी की पांच लग्जरी कार बरामद किया है। पकड़े गए आरोपी वाहन चोरी से पूर्व अपनी पहचान छिपाने के लिए गाड़ी की नंबर प्लेट बदलकर फर्जी नंबर प्लेट लगा देते थे। तयशुदा स्थान पर एकत्रित हो जाते थे और मोबाइल को फ्लाइड मोड में कर लेते थे। जिससे पुलिस उन्हें ट्रेस न कर सकें। एक-दुसरे से संपर्क के लिए व्हाट्सएप पर मैसेज या कॉल करते थे। उसके बाद गाड़ी चोरी कर उसका इंजन, चेसिस नंबर में टैम्परिंग कर फर्जी कागजात तैयार कर उसे बेच देते थे। पकड़े गए आरोपी सौ से अधिक वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुके है।

एसीपी क्राइम अजीत कुमार रजक ने वाहन चोरी की घटना का खुलासा करते हुए बताया कि सोमवार रात को क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दीकी की टीम ने मुखबिर की सूचना पर मुरादनगर क्षेत्र से आलम पुत्र स्व: खुर्शीद निवासी रिशा कालोनी नई आबादी ग्रीन फील्ड स्कूल बुलन्दशहर, फजर पुत्र भूरा निवासी ग्राम पौहली थाना सरधना जनपद मेरठ, साजिद खान पुत्र शरीफ निवासी उदय मंदिर आसन पुरानी पत्रिका नागौरी गेट जोधपुर एवं समीर पुत्र मोहम्मद युसुफ निवासी महावतो की मस्जिद के पास नागौरी गेट रोड सदर कोतवाली जोधपुर को गिरफ्तार किया है। जिनके कब्जे से दिल्ली से चोरी की क्रेटा रंग सफेद, स्विफ्ट रंग सफेद , बलैनो रंग नीला और एक गाजियाबाद से आई-20 कार सफेद रंग व एक्सीडेंट स्विफ्ट डिजायर रंग सफेद बरामद किया गया। उन्होंने बताया वाहन चोरी के मामले में गिरोह में अन्य लोग भी शामिल है। जिनमें गुफरान उर्फ भुल्लन, खालिद, नदीम, सोहेल उर्फ शीला, साजिद व समीर सक्रिय सदस्य है। जो दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में लग्जरी गाडियों को उनकी मांग के अनुसार चोरी कर उसके इंजन नंबर व चेसिस नंबर में टेम्परिंग करके उसके फर्जी कागजात तैयार करके दूसरे राज्यों में बेचते है। गाड़ी की डिमांड साजिद व समीर बताते थे और गाड़ी चोरी करने के लिए उसकी रैकी करना शुरु कर देते थे।

मौका पाकर गाड़ी चोरी करके कुछ दूर जाने के बाद उसकी नंबर प्लेट चेंज कर देते थे। जीपीएस चैक करके उसको निकालकर फेक देते हैं। फिर चोरी की गाड़ी को छुपाने के अपने स्थानों पर ले जाकर खड़ी कर देते हैं। साजिद व समीर एक्सीडेंटल व टोटल लॉस की गाड़ियों के इंजन व चेचिस नम्बर आरोपियों को भेज देता था। उसके इंजन व चेचिस नंबर की प्लेट को नई बनाकर सोहेल उर्फ शीला से गाड़ी के इंजन व चेसिस पर भी वही नम्बर टेम्पर करा देते हैं। गाड़ी तैयार होने के बाद उस गाडी को साजिद व समीर को आगे पार्टियों को बेचने के लिए देते थे। जब कोई पार्टी मिलती तो उसको बेच देते थे। इसमें जो भी फायदा होता था वह हम लोग आपस में बराबर-बराबर बांट लेते थे। हम लोग यह काम 4-5 वर्षों से कर रहे हैं। गाड़ी चुराने के दौरान पहचान छुपाने के लिए अपनी गाड़ी की नम्बर प्लेट बदलकर-बदलकर फर्जी नम्बर प्लेट लगाकर पहले से तयशुदा स्थान पर इकठ्ठा हो जाते थे और मोबाइलों को फ्लाइट मोड़ पर कर लेते थे। आपस में व्हाट्स-एप पर ही मैसेज व कॉल करते थे, आपस में नॉर्मल कॉल करने से बचते हैं। पकड़े गए आरोपी शातिर किस्म के है। जो कई राज्यों में वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुकें है। जो सौ से अधिक वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुके है।