सुरक्षित व भयमुक्त परिवहन ही अधिनियम का एकमात्र लक्ष्य: इन्द्र विक्रम सिंह

-स्वयं सहित दूसरों को सुरक्षित रखने के लिए नियमानुसार व सुरक्षा की दृष्टि से कार्य करें
-बगैर मानकों के संचालित लिफ्ट और एस्केलेटर पर कार्रवाई के दिए निर्देश
-लिफ्ट/एस्केलेटर में भय व प्राणों का संकट न हो इस लिए बना है लिफ्ट और एस्केलेटर अधिनियम-2024

गाजियाबाद। जनपद की हाईराइज सोसायटी, मॉल, मल्टीप्लेक्स आदि में लगी लिफ्ट और एस्केलेटर बगैर मानकों के संचालित किए जाने पर अब कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने अधिकारियों एवं बिल्डरों को निर्देश दिए कि लिफ्ट और एस्केलेटर में भय व प्राणों का संकट न हो। इसलिए लिफ्ट अधिनियम-2024 बना है। सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह, एडीएम सिटी गंभीर सिंह, एसडीएम सदर अरुण दीक्षित, आरडब्ल्यूए फेडरेशन के अध्यक्ष कर्नल टीपी त्यागी, जिला सूचना अधिकारी योगेन्द्र प्रताप सिंह एवं बिल्डर, ऑनर एसोसिएशन के प्रतिनिधि आदि अधिकारियों के साथ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए लिफ्ट और एस्केलेटर अधिनियम-2024 व अन्य समस्याओं के निराकरण एवं समाधान के लिए बैठक की।

बैठक जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह और एडीएम सिटी गंभीर सिंह ने कहा कि जनपद में शहरीकरण में वृद्धि होने से औद्योगिक विकास और बहुमंजिला बिल्डिंगों का निर्माण हुआ है। इनमें लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए गए हैं। जिससे दुर्घटनाओं में भी बढ़ोतरी हो रही है। बहुमंजिला बिल्डिंगों सहित अन्य बिल्डिंगों में बगैर सुरक्षा नियमों का पालन किए ही मनमाने तरीके से लिफ्ट और एस्केलेटर संचालित हो रहे है। सुरक्षा नहीं होने की वजह से आवंटियों द्वारा शिकायतें की जा रही है। लिफ्ट और एस्केलेटर का उपयोग वृद्ध व्यक्तियों,बच्चों और दिव्यांगजनों सहित आमजन के लिए किया जाता है। लिफ्ट और एस्केलेटर का उपयोग करते समय उनकी सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से यह सख्ती से सुनिश्चित किया जाना अपेक्षित है,कि लिफ्ट और एस्केलेटर का विनिर्माण, निर्माण, गुणवत्ता, सुरक्षा सुविधाएं, संस्थापना, संचालन और अनुरक्षण आदि पूर्ण होने चाहिए। प्रदेश सरकार ने इसको दृष्टिगत रखते हुए लिफ्ट और एस्केलेटर अधिनियम-2024 बनाया हैं।

बैठक में बताया गया कि लिफ्ट और एस्केलेटर अधिनियम-2024 की धारा 3 व उसकी उपधारा के अनुसार पंजीकरण के दौरान संबंधित जगह का निरीक्षण कराना होगा। धारा-4 के तहत लिफ्ट और एस्केलेटर के प्रयोग से पूर्व संबंधित अधिकारी को सूचना देनी होगी। वह अधिकारी धारा-5 की उपधारा के अनुसार एएमसी, लॉकबुक, सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाएं, मॉकड्रिल सहित अन्य बिंदुओं की जांच करेंगे। विद्युत व्यवस्था,जीवन बीमा सहित नागरिकों की सुरक्षा एवं सुविधा के लिए अधिनियम में सभी बिंदुओं का ध्यान रखा गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि लिफ्ट और एस्केलेटर में भय व प्राणों का संकट न हो, इसलिए अधिनियम बनाया गया हैं। इस अधिनियिम का सुरक्षित व भयमुक्त परिवहन ही एक मात्र लक्ष्य है। इसलिए जो भी प्राइवेट या सार्वजनिक लिफ्ट या एस्केलेटर लगा रहे है। वह लिफ्ट और एस्केलेटर अधिनियम-2024 के अनुसार ही लगाए। प्रत्येक प्राणी को भयमुक्त व सुरक्षित जीवन जीने का अधिकार है। उनके अधिकारों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। इसलिए स्वयं व दूसरों को सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा की दृष्टि से कार्य करें।