श्रावण मास: शिवरात्रि के दिन 2 अगस्त दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगा जलाभिषेक

-एक अगस्त से शुरू होगा दूधेश्वरनाथ मंदिर में कांवड़ मेला

गाजियाबाद। हर साल श्रावण मास के दौरान कांवड़ यात्रा भी निकाली जाती है। श्रावण मास की शिवरात्रि में महज अब कुछ दिन ही बाकी बचे हैं। शिवभक्त कांवडिय़ों का हुजुम हरिद्वार से गंगाजल लेकर तेजी से अपने गंतव्य की ओर लौटना शुरू हो गए हैं। गाजियाबाद के प्रसिद्ध दूधेश्वरनाथ मंदिर में भी हर साल लाखों की संख्या में भक्त कांवड़ लाकर जलाभिषेक करते हैं। महंत नारायण गिरी ने बताया कि दूधेश्वरनाथ मंदिर में एक अगस्त से तीन अगस्त का श्रावण मेला लगाया जाएगा। दो अगस्त से ही हाजिरी व त्रयोदशी का जल चढऩा शुरू होगा तो दो अगस्त को दोपहर साढ़े तीन बजे से जलाभिषेक शुरू होगा। पंचांग के अनुसार सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 2 अगस्त को दोपहर 3 बजकर 26 मिनट से शुरू होगी, जो 3 अगस्त दोपहर 3 बजकर 50 मिनट पर समाप्त हो रही है। ऐसे में सावन शिवरात्रि का व्रत 2 अगस्त 2024 को रखा जाएगा। सावन शिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त रात 12 बजकर 6 मिनट से रात 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा। ये निशिता काल मुहूर्त है, जो भोलेनाथ की उपासना के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। सावन शिवरात्रि पर दोपहर 3 बजकर 26 मिनट के बाद कभी भी जल चढ़ाया जा सकता है। श्रावण शिवरात्रि शुक्रवार 2 अगस्त को है।

उस दिन प्रात: 6 बजे से हाजरी त्रयोदशी का जल चढ़ना प्रारंभ हो जाएगा। चतुर्दशी व शिवरात्रि का जल 2 अगस्त को अपरान्ह 3.30 से शुरू होकर शनिवार 3 अगस्त को 3.50 तक चढ़ेगा। शिवरात्रि का व्रत 2 अगस्त 2024 को ही रखा जाएगा। महंत नारायण गिरी महाराज ने बताया कि श्रावण मास में मंदिर के कपाट प्रात: 3 बजे से 5 बजे तक श्रृंगार व आरती के लिए बंद रहेंगे। मध्यान्ह 11.30 से 12 बजे तक भोग के लिए मंदिर के कपाट बंद रहेंगे और सायं 7 बजे से रात्रि 8 तक आरती व रात्रि 8.30 बजे से रात्रि 9 बजे तक भोग के लिए मंदिर के कपाट बंद रहेंगे। प्रत्येक सोमवार को मंदिर 24 घंटे खुलेगा, सिर्फ आरती व भोग के लिए ही मंदिर के कपाट बंद होंगे। रविवार की रात्रि 12 बजे से सोमवार की रात्रि 12 बजे तक भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक किया जा सकेगा।

प्रत्येक सोमवार को भगवान का विशेष श्रृंगार व आरती होगी। इसी कारण मंदिर के कपाट सांय 6.30 बजे से रात्रि 8.30 तक बंद रहेंगे। महंत नारायण गिरी ने बताया कि श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर है और सिद्धपीठ है। यहां पर भगवान शिव दूधेश्वर भगवान के रूप में विराजमान है। इसी कारण श्रावण शिवरात्रि या श्रावण मास के सोमवार को ही नहीं पूरे सावन मास में भगवान दूधेश्वर की पूजा-अर्चना करने व उनका जलाभिषेक, अभिषेक व रुद्राभिषेक करने से भगवान दूधेश्वर की कृपा प्राप्त होती है और सभी कष्ट दूर होते हैं। दूधेश्वरनाथ मंदिर के मीडिया प्रभारी एसआर सुथार ने बताया कि शिवरात्रि पर बड़ी संख्या में भक्त रुद्राभिषेक या विशेष पूजा कराते हैं। ऐसे भक्त पूर्व में ही सम्पर्क कर पंजीकरण करा लें ताकि उनका समय और स्थान चिन्हित हो सके। पंजीकरण के लिए मोबाइल नंबर 9990571008, 999086834, 9350007503, 8630437157 पर संपर्क कर सकते हैं।