-चेहरे की सुंदरता को ज्यादा बढ़ाने के लिए विभिन्न विकल्पों के बारे में प्रतिभागियों को दी जानकारी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। दिल्ली मेरठ रोड़ स्थित आईटीएस डेंटल कॉलेज के पेरियोडोन्टोलॉजी विभाग द्वारा सोमवार और मंगलवार को तीसरे एडवांस फेशियल एस्थेटिक्स कोर्स के पांचवें मॉड्यूल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें निजी दंत चिकित्सक, कॉलेज के पूर्व छात्र, संस्थान के दंत चिकित्सक, एमडीएस के विद्यार्थी और कॉलेज के अध्यापक शामिल थे। यह कोर्स डेंटोमैक्स इंटरनेशनल एकेडमी और प्रोफी विश्वविद्यालय, उज्बेकिस्तान के सहयोग से आयोजित किया गया था। वाईस चेयरमैन, अर्पित चड्ढा के सहयोग से आयोजित किया गया। जिसका उद्देश्य मरीजों के बीच चेहरे के सौन्दर्य चिकित्सा के बारे में जागरूकता बढ़ाना तथा चेहरे के सौन्दर्य में वृद्धि की मांग करने वाले रोगियों की प्राथमिक वैकल्पिक लक्ष्यों को प्राप्त करना एवं रोगी को समग्र उपचार प्रदान करना है।
इस पाठ्यक्रम के गेस्ट स्पीकर डॉ आशीष कुमार सिंह एवं डॉ गौरव तिवारी थे, दोनों वक्ता फेशियल एस्थेटिक्स चिकित्सक के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय वक्ता भी है, जिन्होंने फेशियल एस्थेटिक्स पर इस तरह की अनेकों कार्यशालाएं की है। कार्यक्रम के दौरान डॉ आशीष एवं उनकी टीम ने कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री के अन्तर्गत चेहरे की सुंदरता को ज्यादा बढाने के लिए विभिन्न विकल्पों के बारे में सभी प्रतिभागियों को समझाया। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को बोटॉक्स एवं डर्मल फिलर्स द्वारा त्वचा को युवा सौन्दर्य प्रदान करना, लेजर द्वारा बालों को कम करना, केमिकल पील्स और अन्य फेशियल एस्थेटिक्स उपचार को सफलतापूर्वक एकीकृत करने के लिए तैयार करना है। कार्यक्रम के पहले दिन प्रतिभागियों को बोटॉक्स के उपचार उपचार के बारे में विस्तृत चर्चा की गई।
जिसमें चेहरे की गंभीर झुर्रियों, जैसे माथे की रेखाएं, आइब्रो सिकोडऩे वाली रेखाएं, क्रोस फीट और बन्नी लाइन के सुधार के लिए व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप चिकित्सा और कॉस्मेटिक दृष्टिकोणों का संयोजन शामिल था। कार्यक्रम के दूसरे दिन मंगलवार को चेहरे की कॉस्मेटिक समस्याओं को दूर करने और वॉल्यूम लॉस और झुर्रियों को कम करने के लिए फिलर्स और थ्रेड्स के इस्तेमाल पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसके साथ ही चेहरे की ढीली त्वचा को ठीक करने एवं झुर्रियों को ठीक करने पर ध्यान केन्द्रित करते हुए थ्रेड लिफ्ट का उपयोग किया गया।
इसके बाद प्रतिभागियों द्वारा मरीजों पर इन नवीनतम उपचारों का लाइव प्रदर्शन एव हैंड्स-ऑन किया गया। डॉ आशीष ने एमडीएस के विद्यार्थियों और अन्य दंत चिकित्सकों के लिये इस तरह के ज्ञानवर्धक मंच के आयोजन के लिए संस्थान को धन्यवाद दिया। इस कार्यक्रम के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को सर्वश्रेष्ठ फेशियल एस्थेटिक्स उपचार के बारे में ज्ञान प्राप्त हुआ। जिसके लिए सभी ने आईटीएस-द एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ आरपी चड्ढा और वाईस चेयरमैन अर्पित चड्ढा को धन्यवाद दिया।

















