उद्यिमयों से संवाद का माध्यम है समाधान दिवस: नंदी

-औद्योगिक मंत्री ने 16 आवंटियों को सौंपें स्वीकृति पत्र  
-यूपीसीडा के सीईओ ने ऑनलाइन सेवाओं की दी जानकारी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के अपने संकल्प के तहत लगातार प्रयासरत है। सोमवार को गाजियाबाद के एक होटल में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता राज्य के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदीÓ ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना, संवाद स्थापित करना और नीति सुधारों की दिशा में उद्योगों की सहभागिता को मजबूत बनाना था। मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदीÓ ने उद्यमियों की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि सभी वैध समस्याओं एवं मांगों का समाधान निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही की जाए और उद्यमियों को परिणाम दिखाई दें।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने 16 स्वीकृति पत्र आवंटियों को सौंपे। इसमें 5 प्लॉट आवंटन पत्र, 6 मॉर्गेज स्वीकृति पत्र, उत्पादन प्रारंभ प्रमाण पत्र, भवन मानचित्र स्वीकृति पत्र शामिल हैं। कार्यक्रम में यूपीसीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मयूर माहेश्वरी ने ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लीज संबंधी परिवर्तन, भवन मानचित्र की स्वीकृति, उत्पादन प्रारंभ की सूचना देना, संपत्ति को किराए पर देने की अनुमति, भुगतान प्रक्रिया ऑनलाइन हो रहा है। कार्यक्रम में गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, बागपत समेत यूपीसीडा के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों से आए उद्योग संगठनों, एसोसिएशनों और उद्यमियों ने भाग लिया। इस दौरान यूपीसीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मयूर माहेश्वरी, प्रधान महाप्रबंधक राजीव त्यागी, संदीप चंद्रा, क्षेत्रीय प्रबंधक सूरजपुर अनिल शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक गाजियाबाद प्रदीप सत्यार्थी आदि उपस्थित रहे।

इन पर चर्चा हुई
बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों में पीने के पानी की आपूर्ति, सीवरेज व ड्रेनेज की असुविधाजनक व्यवस्था, फायर स्टेशन की स्थापना की आवश्यकता, औद्योगिक क्षेत्रों में पार्कों का रख-रखाव व साफ-सफाई, एफ.ए.आर. बढ़ाने की मांग, लीज रेंट के लिए एकमुश्त भुगतान विकल्प, प्लॉट किराए पर देने की अनुमति की प्रक्रिया में सरलीकरण, 2000 वर्ग मीटर तक के प्लॉट का आवंटन ई-नीलामी की जगह ड्रॉ/इंटरव्यू के आधार पर करने की मांग आदि मुद्दों पर चर्चा हुई।

उद्योग संगठनों ने जताया संतोष
उद्योग संगठनों ने यूपीसीडा द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और समाधान दिवस जैसे आयोजनों को “सकारात्मक संवाद का सशक्त माध्यम” बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि यूपी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश उद्योगों के लिए देश का सबसे अनुकूल राज्य बनकर उभरेगा। यह समाधान दिवस केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य सरकार की उद्योगों के प्रति प्रतिबद्धता, संवाद और पारदर्शिता के प्रतीक के रूप में सामने आया है।