नगर निगम कर्मचारी यूनियन चुनाव : अनुराग नागर का दिखेगा दम या रविंद्र कुमार का चलेगा पावर पंच ?

– यूनियन चुनाव में दिख रहा है कांटे का मुकाबला, दोनों पैनल ने झोंकी पूरी ताकत
– जोश में हैं दोनों पैनल के समर्थक, मतदाता हैं साइलेंट अंतिम क्षण में खोलेंगे पत्ते
– बुधवार को दोनों पैनल के प्रत्याशियों ने प्रचार में दिखाया दम, मांगे वोट

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम कर्मचारी यूनियन के चुनाव में इस बार जबरदस्त मुकाबला दिखाई दे रहा है। मतदान में महज दो दिन बचे हैं लेकिन, मतदाताओं ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। बुधवार को निवर्तमान अध्यक्ष रविंद्र कुमार के नेतृत्व में समर्थकों ने नगर निगम मुख्यालय और जोनल कार्यालयों में जाकर कर्मचारियों से घोड़ा चुनाव चिन्ह वाले पैनले पक्ष में वोट करने की अपील की। अनुराग नागर ने पैनल के प्रत्याशियों और समर्थकों के साथ निगम मुख्यालय सहित निगम के विभिन्न कार्यस्थलों पर जाकर जनसंपर्क करते हुए नगर निगम में बदलाव की मुहिम को हवा देते हुए शेर चुनाव चिन्ह वाले पैनल के समर्थन में वोट देने की अपील की। दोनों पैनल ने पूरा दम लगा दिया है और कोई भी किसी तरह से चूक नहीं बरतना चाहता। पूर्व के चुनावों में जहां कई दिन पहले ही माहौल का पता चल जाता था और कर्मचारियों के रुझान से स्थिति भी लगभग स्पष्ट होने लगती थी। लेकिन इस बार किसी के लिए भी स्थिति को भांप पाना नामुमकिन हो रहा है। ऐसे में दोनों पैनल के प्रत्याशियों के पशीनें छूट रहे हैं।

जहां तक पलड़ा भारी होने की बात की जाये तो स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता है। कुछ मायनों में कर्मचारी अनुराग नागर पैनल को पसंद कर रहे हैं तो कई मायनों में झुकाव रविंद्र कुमार पैनल की तरफ है। अनुराग पैनल युवा जोश से लवरेज है और ज्यादातर बड़े चेहरे उसके साथ हैं। यह पैनल की सबसे बड़ी मजबूती है। अनुराग पैनल के समर्थक रविंद्र कुमार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी फैक्टर को गिनाते हुए बदलाव की बात पर कर्मचारियों की मुहर लगने का दावा कर रहे हैं। वहीं, रविंद्र कुमार पैनल के पास कुलदीप शर्मा के रूप में तुरुप का इक्का है। रविंद्र कुमार के समर्थकों का कहना है कि रविंद्र कुमार के साथ उसके कुछ पुराने साथियों ने विश्वासघात किया और उसे बदनाम किया। कर्मचारी इस बात को समझ चुके हैं और कुलदीप शर्मा के पावर पंच से विपक्ष ध्वस्त हो जाएंगे।

बहरहाल यह तो दोनों पक्षों के समर्थकों के दावे हैं। लेकिन अंतिम फैसला देने वाला मतदाता चुपचाप सभी को सुन रहा है और देख रहा है। किस पैनल की जीत होगी और किस पैनल को शिकस्त मिलेगी। इसको लेकर कर्मचारियों का कहना है कि सभी विभाग के कर्मचारी बंटे हुए हैं। अभी दावा करना कठिन है लेकिन 24 घंटे पहले स्थिति कुछ साफ हो सकती है। लेकिन अंतिम समय तक भी पिक्चर धुंधला ही रहेगा। कर्मचारियों का कहना है कि कौन जीतेगा यह तो नहीं बता सकते लेकिन इतना तो तय है कि जो भी पैनल चुनाव जीतेगा उसके जीत हार का मार्जिन काफी कम होगा। बकौल निगम कर्मचारी यदि अनुराग के पक्ष में धारा बह रही है तो रविंद्र कुमार के पक्ष में अंदरूनी करंट है। ऐसे में देखने होगा अनुराग की धारा जीत के दहलीज तक पहुंचेगी या फिर रविंद्र कुमार के करंट के समक्ष पहले ही दम तोड़ देगी। अनुराग नागर के टीम में मयुर गिरधर के साथ महेंद्र प्रताप मोन्टी को वोट खींचने वाला चेहरा माना जा रहा है। ये दोनों लोग कर्मचारियों के बीच में काफी लोकप्रिय हैं। रविंद्र कुमार की टीम में संजय शर्मा, निजामुद्दीन और रमेश चंद्र जोशी के प्रमुख चेहरे हैं, वहीं कुलदीप शर्मा को सबसे प्रभावशाली चेहरा माना जा रहा जो पासा पलटने का मादा रखता है।