विकास की नई रफ्तार, गाजियाबाद नगर निगम के साथ: लखनऊ में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने पेश की विकास रिपोर्ट

-स्मार्ट सिटी, अमृत योजना और स्वच्छ भारत मिशन के तहत विकास कार्यों में तेजी
-नगर निगम के हाईटेक प्रबंधन और आधुनिक कार्यशैली के जरिए 2047 तक आत्मनिर्भर बनने का लक्ष्य
-राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर गाजियाबाद नगर निगम की पहचान और अन्य नगर निगमों के लिए मॉडल
-अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उपाय

उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ/गाजियाबाद। गोमती नगर एक्सटेंशन स्थित नगर निकाय निदेशालय के सभागार में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम  ‘विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत @2047’ में गाजियाबाद नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने गाजियाबाद नगर निगम की योजनाओं और विकास कार्यों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के नगर निगमों के उत्कृष्ट कार्यों को साझा करना और उन्हें भविष्य की योजनाओं के लिए मार्गदर्शन देना था। नगर आयुक्त ने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम स्मार्ट सिटी योजना, अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन, सी एम ग्रिड, स्पोर्ट्स कंपलेक्स और अन्य प्रमुख योजनाओं में तेजी से काम कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर की सभी योजनाओं का उद्देश्य नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना, नगर निगम को हाईटेक और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करना और 2047 तक गाजियाबाद नगर निगम को पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

नगर आयुक्त ने कहा कि नगर निगम की योजनाओं की प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों और अधिकारियों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में गाजियाबाद नगर निगम ने कार्यशैली में आधुनिक बदलाव किए हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम प्रतिदिन की गतिविधियों, निर्माण कार्य, सार्वजनिक सुविधाओं की गुणवत्ता और योजना संचालन में तकनीकी नवाचारों को शामिल कर रहा है। नगर निगम के सभी विभाग योजनाओं के क्रियान्वयन में समयबद्ध और प्रभावी ढंग से कार्य कर रहे हैं। नगर आयुक्त ने यह भी उल्लेख किया कि प्रत्येक योजना की निगरानी, रखरखाव और संसाधनों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा, नगर विकास प्रमुख सचिव, नीति आयोग की प्रोजेक्ट डायरेक्टर अन्ना रॉय, नगर निकाय निदेशक अनुज कुमार झा, तथा विभिन्न नगर निगमों के आयुक्त उपस्थित थे। गाजियाबाद नगर निगम के विकास कार्यों और योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर अन्य नगर निगमों ने भी अपने अनुभव साझा किए।

उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने गाजियाबाद नगर निगम की योजनाओं की सराहना की और इसे अन्य नगर निगमों के लिए मॉडल बताया। नगर आयुक्त ने कहा कि गाजियाबाद नगर निगम का उद्देश्य केवल स्थानीय विकास नहीं, बल्कि विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में योगदान देना है। उन्होंने कहा कि 2047 तक गाजियाबाद नगर निगम न केवल उत्तर प्रदेश में बल्कि देश और विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाने में सफल होगा। नगर निगम के सभी विभाग योजनाओं के संचालन में पूर्ण पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित कर रहे हैं। नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम शहर में सभी निर्माण कार्य, सार्वजनिक सुविधाओं का रखरखाव, स्वच्छता, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में तेजी ला रहा है।

उन्होंने कहा कि गाजियाबाद नगर निगम को अधिक से अधिक हाईटेक बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्राप्त हो सकें। इसके अलावा, नगर निगम भविष्य की योजना बनाते समय शहर के हर क्षेत्र और नागरिकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रख रहा है। कार्यक्रम में नगर आयुक्त ने अन्य नगर निगमों के अधिकारियों से कहा कि विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए नगर निकायों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सहयोग और अनुभव साझा करने से सभी नगर निगमों को विकास की दिशा में मार्गदर्शन मिलेगा। उन्होंने उपस्थित जनों से आग्रह किया कि वे नगर निगम की योजनाओं और प्रयासों का समर्थन करें और विकास के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएं।