-विजयनगर एमआरएफ सेंटर में अभिनव पहल, बेकार बोतलों से बनेंगे आकर्षक उत्पाद
-ट्रिपल आर मुहिम को मिली नई दिशा, महिलाओं को मिलेगा रोजगार और शहर को स्वच्छता का स्थायी समाधान
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में गाजियाबाद नगर निगम ने एक और अभिनव पहल करते हुए विजयनगर स्थित अकबरपुर बहरामपुर एमआरएफ सेंटर पर ग्लास अप साइक्लिंग सेंटर की शुरुआत की है। इस नई व्यवस्था के तहत अब शहर से निकलने वाले कांच के वेस्ट को निस्तारित करने के साथ-साथ उससे उपयोगी और आकर्षक उत्पाद तैयार किए जाएंगे।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि निगम रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकिल की ट्रिपल आर मुहिम के तहत लगातार कार्य कर रहा है। जहां एक ओर प्लास्टिक मुक्त शहर के लिए अभियान तेज किया गया है, वहीं अब कांच के कचरे के निस्तारण को भी सरल और प्रभावी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पहले कांच की टूटी-फूटी बोतलें कूड़े के ढेर या नालियों में पड़ी रहती थीं, लेकिन अब उन्हें नया स्वरूप देकर उपयोगी वस्तुओं में बदला जाएगा।
ग्लास अप साइक्लिंग सेंटर में पुरानी और अनुपयोगी कांच की बोतलों से कैंडल स्टैंड, पेन स्टैंड, सजावटी स्टैचू, क्रॉकरी आइटम, गिलास सहित कई आकर्षक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इस प्लांट की शुरुआत सीएसआर के तहत होराइजन औद्योगिक पार्क के सहयोग से की गई है। साथ ही सामाजिक संस्था ‘अर्थ’ और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। नगर आयुक्त ने कहा कि इस पहल से न केवल कांच के कचरे का बेहतर प्रबंधन होगा, बल्कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सम्मानजनक रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। निगम की गाडिय़ां अब घरों और प्रतिष्ठानों से कांच के कचरे को अलग से एकत्र करेंगी, जिससे इस सेंटर को नियमित कच्चा माल मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान ‘पॉन्ड मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से विख्यात पर्यावरणविद रामवीर सिंह तंवर ने नगर निगम की इस पहल की सराहना करते हुए शहरवासियों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि कांच के कचरे का सही प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद आवश्यक है और यह सेंटर आने वाले समय में एक मिसाल साबित होगा। मौके पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार को इस योजना को और बड़े स्तर पर विस्तारित करने के निर्देश भी दिए गए। कार्यक्रम में होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स से अमित कुमार, प्रीति चावड़ा और नेहमत मोंगिया समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। नगर निगम के इस प्रयास से अब गाजियाबाद में ‘वेस्ट से बेस्ट’ की अवधारणा को नया आयाम मिलेगा और शहर की स्वच्छता के साथ-साथ सुंदरता में भी इजाफा होगा।

















