जनता को मिली राहत: महापौर ने संपत्ति कर में 20 प्रतिशत छूट की अवधि बढ़ाई
-अब 30 नवम्बर 2025 तक संपत्ति कर जमा करने पर मिलेगी 20′ की छूट, नगर निगम गाजियाबाद ने नागरिकों से समय पर कर जमा करने की अपील की
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनहित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए महापौर सुनीता दयाल ने संपत्ति करदाताओं को बड़ी राहत प्रदान की है। नगर निगम गाजियाबाद द्वारा संपत्ति कर में दी जा रही 20 प्रतिशत की छूट, जो पहले 31 अक्टूबर 2025 तक मान्य थी, अब उसे बढ़ाकर 30 नवम्बर 2025 तक कर दिया गया है। इस निर्णय से हजारों नागरिकों को लाभ मिलने की संभावना है।
नगर निगम प्रशासन के अनुसार सभी संपत्ति स्वामियों को अपने भवनों पर निर्धारित संपत्ति कर को निगम कोष में जमा कराना अनिवार्य है। निगम सदन के द्वारा पूर्व में यह प्रावधान किया गया था कि यदि करदाता निर्धारित अवधि के भीतर कर जमा करते हैं, तो उन्हें देय कर पर 20 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। महापौर द्वारा यह अवधि एक माह के लिए बढ़ाने से उन नागरिकों को बड़ी राहत मिली है, जो अब तक किसी कारणवश अपना कर जमा नहीं कर सके थे। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि नगर निगम सदैव नागरिकों की सुविधा और जनहित को सर्वोपरि रखता है।
शहर के विकास कार्यों में नागरिकों की सहभागिता आवश्यक है, और संपत्ति कर नगर निगम की आय का प्रमुख स्रोत है, जिससे सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सड़क निर्माण, जलापूर्ति और अन्य नागरिक सुविधाओं के कार्य संचालित होते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर अपना संपत्ति कर जमा करें, ताकि नगर निगम के विकास कार्यों में बाधा न आए और शहर की सुंदरता एवं स्वच्छता बनी रहे। नगर आयुक्त ने भी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे नगर निगम की वेबसाइट, कर केंद्रों या अधिकृत बैंकों के माध्यम से समय पर कर जमा करें और इस छूट का लाभ उठाएँ।
निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि 30 नवम्बर 2025 के बाद यह छूट समाप्त हो जाएगी, जिसके बाद सामान्य दर पर कर वसूली की जाएगी। महापौर के इस निर्णय का शहर के नागरिकों ने स्वागत किया है। व्यापारिक संगठनों, आरडब्ल्यूए और सामाजिक संस्थाओं ने इसे जनहित में उठाया गया सराहनीय कदम बताया है। इस कदम से न केवल कर संग्रहण में वृद्धि होगी, बल्कि नागरिकों में समय पर कर भुगतान की प्रवृत्ति भी मजबूत होगी।
















