-सीईओ कृष्णा करुणेश की पहल, कचरा प्रबंधन को मिलेगा स्थायी समाधान
-250 करोड़ की परियोजना से गीले कचरे का स्थानीय स्तर पर निस्तारण
-स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ परिवहन लागत में होगी भारी बचत
उदय भूमि संवाददाता
नोएडा। नोएडा अथॉरिटी के सीईओ कृष्णा करुणेश शहर की बेहतरी के लिए रोजाना कोई न कोई बड़ा फैसला ले रहे हैं। अब शहर में कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड शहर में 300 टन प्रतिदिन क्षमता का कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट स्थापित करेगी। इस परियोजना को नोएडा अथॉरिटी ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, जिससे गीले कचरे के निस्तारण की समस्या का स्थायी समाधान मिलने की उम्मीद है।
इस परियोजना में करीब 250 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जबकि नोएडा अथॉरिटी प्लांट के लिए जमीन उपलब्ध कराएगी। प्लांट के निर्माण, संचालन और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी भी आईजीएल की ही होगी। इस संयंत्र में तैयार होने वाली बायो गैस का उपयोग घरों में ईंधन के रूप में किया जाएगा, जिससे स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। इस फैसले के पीछे आर्थिक बचत भी एक बड़ा कारण है। वर्तमान में अस्तौली स्थित एनटीपीसी के कचरा निस्तारण प्लांट तक कचरा पहुंचाने में प्रतिदिन भारी खर्च होने का अनुमान है। इस खर्च को कम करने के लिए नोएडा में ही कचरे के निस्तारण की व्यवस्था विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
इससे परिवहन लागत में बड़ी कमी आएगी और प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी। इसके अलावा, अथॉरिटी सूखे कचरे के निस्तारण के लिए भी अलग प्लांट लगाने की योजना बना रही है। इसके लिए जल्द ही एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जारी कर विभिन्न कंपनियों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे। प्रस्तावों के मूल्यांकन के बाद इस परियोजना के मॉडल पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यह पहल न केवल कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में भी नोएडा को एक नई दिशा देगी। इस प्लांट के लगने से शहर की बड़ी समस्या का समाधान होगा।

मुख्य कार्यपालक अधिकारी
नोएडा प्राधिकरण
शहर में आधुनिक और टिकाऊ कचरा प्रबंधन प्रणाली विकसित करना अथॉरिटी की प्राथमिकता है। कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट की स्थापना से गीले कचरे के निस्तारण की समस्या का स्थायी समाधान मिलेगा और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस परियोजना से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नगर की सफाई व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी तथा कचरा परिवहन पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम होगा। अथॉरिटी भविष्य में सूखे कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए भी नई परियोजनाएं शुरू करेगी, ताकि नोएडा को स्वच्छ, हरित और सतत विकास वाले शहर के रूप में विकसित किया जा सके।
कृष्णा करुणेश
सीईओ
नोएडा अथॉरिटी
















