-सेफ सिटी की योजनाओं से लाभान्वित होगा शहर: विक्रमादित्य सिंह मलिक
गाजियाबाद। शासन की योजनाओं पर धरातल पर लाने के लिए नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक लगातार कार्य कर रहे हैं। नगर आयुक्त की निर्देश अनुसार शहर को सुरक्षित रखने के क्रम में कैमरा इंटीग्रेशन का कार्य तेजी से चल रहा है। जिसके लिए डीपीआर स्वीकृति के बाद निविदा भी आमंत्रित की जा चुकी है। तकनीकी बिड भी खुल गई है, 6 करोड़ 30 लाख की लागत से तैयार किया जा रहे कैमरा इंटीग्रेशन का कार्य तेजी से पूर्ण होने की तरफ अग्रसर है। गाजियाबाद नगर निगम द्वारा लगभग 1500 कैमरे को इंटीग्रेटेड करने का कार्य करेगा। जिससे शहर की सुरक्षा में बड़ी कार्यवाही होगी। कैमरा इंटीग्रेशन की नियम अनुसार कार्यवाही को पूर्ण करने के लिए समय-समय पर शासन द्वारा भी कार्यवाही रिपोर्ट देखी जाती है। नगर आयुक्त टीम को मोटिवेट करते हुए कार्यों को पूर्ण कर रहे हैं। शहर वासियों की सुरक्षा के लिए कैमरा इंटीग्रेशन का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। जिसमें एक ही कंट्रोल सेंटर में शहर के सभी कैमरा को जोड़ा जाएगा, इसी के साथ सेफ लूप का कार्य भी तेजी से चल रहा है।
जिसमें लगभग 5200 कैमरे के लिए स्थलों को चिन्हित किया गया है। प्राइवेट प्रतिष्ठान, संस्थाओं द्वारा लगाए गए कैमरा को उसमें शामिल किया गया है। जिसमें शहर के आरडब्ल्यूए पदाधिकारी की अहम भूमिका रहेगी, जिनके साथ निगम की टीम लगातार समन्वय कर कैमरो पर निगरानी रखेगी, जिसके लिए नगर आयुक्त लगातार शहर के अलग-अलग आरडब्ल्यूए पदाधिकारी से संपर्क कर कार्य योजना बना रहे हैं। महिलाओं का विशेष ध्यान रखते हुए सेव सिटी के अंतर्गत पिंक टॉयलेट योजना पर तेजी से कार्य चल रहा है।
महापौर सुनीता दयाल एवं नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में संबंधित विभाग की टीम लगी हुई है। निर्माण विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग मिलकर कार्य कर रहा है। जिसमें प्रत्येक जोन में पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे। लगभग 10 पिंक टॉयलेट सेव सिटी के अंतर्गत बनाए जाएंगे, जिसमें महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं भी रहेगी। देखा जा रहा है गाजियाबाद के म्युनिसिपल कमिश्नर लगातार शासन की योजनाओं को आगे बढ़ते हुए तेजी से कार्य कर रहे हैं। नगर निगम द्वारा अनेकों योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। जिसमें विक्रमादित्य सिंह मलिक विशेष ध्यान देते हुए टीम को मोटिवेट कर कार्य को कर रहे हैं। जिसकी प्रशंसा जनप्रतिनिधियों द्वारा भी की जा रही है।
















