-पार्षद पर लगाई गलत धारा हटाने की मांग, मंत्री से भी की मुलाकात
गाजियाबाद। मोहननगर में यादव दंपति के साथ मारपीट और खोखा आदि के मामले में वार्ड-28 के भाजपा पार्षद सुधीर कुमार वाल्मीकि को साहिबाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजने के मामले में पांचवें दिन भी पार्षदों का आक्रोश जारी रहा। शनिवार को एडिशनल पुलिस कमिश्नर कल्पना सक्सेना से उनके ऑफिस में दर्जनभर से अधिक पार्षद उनसे वार्ता करने के लिए पहुंचे। भाजपा के वरिष्ठ पार्षद एवं अधिवक्ता प्रवीण चौधरी के नेतृत्व में पार्षद शीतल देओल, पार्षद मनोज त्यागी, पूर्व पार्षद मनोज गोयल,धीरेन्द्र यादव बिल्लू, प्रदीप चौहान, नीरज गोयल, वीरेंद्र त्यागी, अमित त्यागी, यशपाल पहलवान आदि पार्षद वार्ता करने के लिए पहुंचे। भाजपा के वरिष्ठ पार्षद प्रवीण चौधरी ने कहा कि भाजपा पार्षद सुधीर कुमार पर लूट समेत अन्य संगीन धारा लगाकर पुलिस ने उन्हें जेल भेजने के मामला निंदनीय है। उन्होंने सभी पार्षदों से कहा कि भाजपा पार्टी से जुड़ा मामला है। ऐसे में अपनी ही सरकार के खिलाफ आंदोलन नहीं करेंगे।
उन्होंने एडिशनल पुलिस कमिश्नर कल्पना सक्सेना से मामले में वार्ता करते हुए कहा कि मामले में जो गलत धारा पुलिस ने लगाई है। उन्हें हटाया जाए। वहीं, पार्षद की पत्नी की तहरीर पर क्रॉस एफआईआर भी पुलिस जल्द दर्ज करें। हालांकि पार्षदों का एक मंडल बगैर आंदोलन व नारेबाजी के शांतिपूर्ण तरीके से एडिशनल पुलिस कमिश्नर से वार्ता करने के लिए पहुंचा था। उन्होंने मामले में कार्रवाई के बारे में जानकारी ली। एडिशनल पुलिस कमिश्नर कल्पना सक्सेना ने पार्षदों से कहा कि मामले की जांच की जा रही है। वहीं,भाजपा पार्षद की पत्नी की तहरीर पर जल्द ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसमें जो भी दोषी होगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पार्षद पर लगाई गई गलत धारा की जांच कराकर उसे हटाया जाएगा। एडिशनल पुलिस कमिश्नर से आश्वासन मिलने के बाद पार्षद वापस लौट गए। इसके बाद भाजपा के करीब 55 से 60 पार्षद कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा से मिलने के लिए पहुंचे।
कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने पार्षदों को आश्वासन दिया कि मामले की पुलिस कमिश्नर से वार्ता कर जल्द समाधान कराया जाएगा। वहीं,कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने महापौर सुनीता दयाल के पुलिस कमिश्नर अजय कुमार मिश्र का फोन करने के बाद उनके द्वारा पार्षद को गुंडा कहने के शब्द पर कहा कि महापौर शहर की प्रथम नागरिक है। पुलिस कमिश्नर को ऐसे बात नहीं करनी चाहिए थी। इस मामले से प्रदेश शासन और मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया जाएगा। उन्होंने पार्षदों से कहा कि आंदोलन न करें। उच्चाधिकारियों से वार्ता कर जल्द इस मामले का निस्तारण कराया जाएगा। हालांकि पार्षदों का आंदोलन और एडिशनल पुलिस कमिश्नर के आश्वासन के बीच ही मामला यह फंसा हुआ हैं। पार्षद सड़क पर बैठकर अपना विरोध प्रकट करने के साथ नगर निगम मुख्यालय सभागार में पिछले तीन दिन से लगातार बैठक कर रणनीति बना रहे है। मगर पार्षद के मामले में कोई सुलह होता नहीं दिख रहा हैं।
















