डॉ. सपना बंसल बनीं भारतीय वैश्य ग्लोबल फाउंडेशन की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष

-महिला नेतृत्व को सशक्त करने की दिशा में संगठन ने उठाया सार्थक कदम

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। भारतीय वैश्य ग्लोबल फाउंडेशन की प्रबंध समिति ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए डॉ. सपना बंसल को राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति महिला नेतृत्व को सशक्त बनाने और सामाजिक विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक सशक्त पहल है। डॉ. बंसल का चयन नारी सशक्तिकरण के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता का परिचायक है। इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विनय मित्तल ने कहा कि डॉ. सपना बंसल का नेतृत्व संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। उन्होंने कहा कि डॉ. बंसल की विशेषज्ञता, अनुभव और सामाजिक सक्रियता से महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी और समाज में सकारात्मक बदलाव का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने उनके उज्ज्वल और सफल कार्यकाल की हार्दिक शुभकामनाएँ भी दीं। राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री जीतेंद्र गर्ग ने डॉ. बंसल को इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए बधाई दी और विश्वास जताया कि उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता और विचारशील दृष्टिकोण से महिला प्रकोष्ठ समाज में अपना प्रभाव व्यापक रूप से स्थापित करेगा। उन्होंने आशा जताई कि महिला वर्ग से जुड़े विषयों पर उनकी टीम सजगता से कार्य करेगी।

राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष के रूप में अपने पहले वक्तव्य में डॉ. सपना बंसल ने कहा कि हमें अपने बच्चों को प्रेरित करना है और समाज के प्रति उनकी जागरूकता को बढ़ाना है। बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना का विकास करना होगा ताकि वे अच्छे और बुरे का भेद समझ सकें और आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन के पथ पर आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि हम उन्हें ऐसा मार्गदर्शन दें जो उनके व्यक्तित्व, सोच और सामाजिक जिम्मेदारी को सशक्त बनाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे संगठन द्वारा सौंपी गई इस जिम्मेदारी के लिए आभारी हैं और यह सुनिश्चित करेंगी कि नारी शक्ति से जुड़ा कोई भी मुद्दा उपेक्षित न रहे। वे अपनी टीम के साथ पूर्ण समर्पण, परिश्रम और निष्ठा के साथ कार्य करेंगी ताकि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके। डॉ. सपना बंसल वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग में प्राध्यापक के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने डॉ. बी.आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है।

उन्होंने वाणिज्य में स्नातकोत्तर और प्रबंधन में स्नातकोत्तर की शिक्षा सेठ पदमचंद जैन संस्थान से प्रथम श्रेणी में पूरी की है। बी.बी.ए. की पढ़ाई भी उन्होंने इसी संस्थान से पूरी की। वे प्रबंधन, मानव संसाधन और उद्यमिता जैसे विषयों की विशेषज्ञ हैं और पिछले अठारह वर्षों से शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे देश-विदेश में अनेक शैक्षणिक मंचों पर व्याख्यान दे चुकी हैं और प्रेरणादायक शिक्षिका के रूप में व्यापक पहचान रखती हैं। कोरोना महामारी के काल में डॉ. सपना बंसल ने चार सौ से अधिक वेबिनारों के माध्यम से हजारों लोगों को जागरूक कर जनहित में सराहनीय योगदान दिया। उद्यमिता पर उनकी पुस्तक का लोकार्पण भारत सरकार के प्रतिष्ठित संस्थान एनआईईएसबड द्वारा किया गया, जिसमें विश्व के 94 देशों के राजनयिक उपस्थित रहे। उन्हें वर्ष 2014-15 में अंतरराष्ट्रीय महिला उत्कृष्टता सम्मान से सम्मानित किया गया। उनके बीस से अधिक शोधपत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।

वे देश-विदेश में अपने प्रेरणादायक व्यक्तित्व और विचारों के लिए विशेष रूप से सराही जाती हैं। डॉ. सपना बंसल अब तक चौदह पुस्तकें लिख चुकी हैं। इन पुस्तकों में संघर्ष, संकल्प और सियासत की अटल कहानी तथा ए आइकोनिक जर्नी ऑफ अटल बिहारी वाजपेयी जैसी प्रेरणादायक रचनाएँ शामिल हैं, जो न केवल पाठकों को प्रेरणा देती हैं बल्कि समाज को सकारात्मक सोच की दिशा में अग्रसर करती हैं। भारतीय वैश्य ग्लोबल फाउंडेशन एक पंजीकृत, गैर-राजनीतिक और गैर-धार्मिक सामाजिक संगठन है, जो शून्य लाभ न हानि के सिद्धांत पर कार्य करता है। यह संगठन वैश्विक वैश्य समाज को एक मंच पर लाकर शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, कृषि विकास, पर्यावरण संरक्षण, मानवाधिकार, लघु उद्योग, विज्ञान, संस्कृति और विरासत संरक्षण जैसे विविध क्षेत्रों में सहयोग और समर्पण के साथ कार्य कर रहा है।