-6832 प्रकरण निस्तारित, 135 प्रकरण लंबित – गुणवत्ता पर उपाध्यक्ष ने जताई नाराजगी
-जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए जीडीए वीसी के नेतृत्व में समीक्षा बैठक, प्राधिकरण में पारदर्शिता और जवाबदेही को बनाया गया सर्वोच्च लक्ष्य
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। उपाध्यक्ष ने अपने कुशल नेतृत्व में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित कर न केवल लंबित प्रकरणों की जानकारी ली, बल्कि प्रत्येक शिकायत के निस्तारण की गुणवत्ता की भी गंभीरता से समीक्षा की। रविवार को बैठक के दौरान आईजीआरएस पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, कुल 6967 प्रकरणों में से 6832 प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है और 135 प्रकरण अभी लंबित थे। उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि केवल प्रकरणों की संख्या में निस्तारण होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हर प्रकरण का समाधान गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध होना आवश्यक है। समीक्षा में एक प्रकरण की गुणवत्ता अत्यंत खराब पाई गई, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारी को फटकार लगाई और उनके खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। श्री वत्स ने अधिकारियों को यह संदेश दिया कि आईजीआरएस पोर्टल केवल एक शिकायत प्रणाली नहीं है, बल्कि यह जनता और जीडीए के बीच विश्वास का पुल है।
उन्होंने कहा कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का प्रमुख उद्देश्य है कि जनता को त्वरित, पारदर्शी और संतोषजनक समाधान मिले। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन और जिलाधिकारी कार्यालय के निर्देशों के अनुरूप ही प्रत्येक शिकायत का निस्तारण किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से अपने-अपने जोन में आईजीआरएस प्रकरणों की समीक्षा करें और सुनिश्चित करें कि किसी भी प्रकरण की अनदेखी न हो। उन्होंने सभी अधिशासी अभियंताओं और ओएसडी राजीव रतन सिंह को प्रशासनिक कार्यों में और अधिक सावधानी बरतने तथा प्रकरणों के निस्तारण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष अतुल वत्स की सख्ती और प्रशासनिक सक्रियता भविष्य में भी आईजीआरएस प्रकरणों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की गारंटी देती है। यह कदम केवल प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि जनता और शासन के बीच विश्वास का एक मजबूत स्तंभ बन गया है।
जीडीए में उपाध्यक्ष अतुल वत्स के नेतृत्व में बदलाव और प्रशासनिक कार्यों की गति
अतुल वत्स ने अपने कार्यकाल में जीडीए में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उनके मार्गदर्शन में आईजीआरएस पोर्टल पर लंबित शिकायतों की संख्या लगातार कम हो रही है और जनता को समाधान मिलने की प्रक्रिया तेज हुई है। उन्होंने अधिकारियों को हमेशा याद दिलाया कि उनका कर्तव्य केवल शिकायतों का निस्तारण करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि समाधान की गुणवत्ता उच्चतम स्तर की हो। उनकी दूरदर्शिता और सक्रिय निगरानी के कारण ही गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में शिकायतों के निस्तारण में तेजी आई है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल समय पर निस्तारण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाधान से जनता संतुष्ट हो, यह सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का निस्तारण करते समय न्याय, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के उच्चतम मानक अपनाएं।
जनता और प्रशासन के बीच विश्वास का पुल
उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि हर नागरिक की शिकायत केवल एक समस्या नहीं है, बल्कि यह शासन और प्रशासन की जवाबदेही का परीक्षण भी है। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण पूरी तरह से जनता के प्रति संवेदनशील है और किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से समझें और हर प्रकरण का निस्तारण ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ करें। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को याद दिलाया कि जीडीए का हर निर्णय और हर कार्रवाई जनता के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों का भरोसा प्राधिकरण की सबसे बड़ी पूंजी है और उसे बनाए रखना हर अधिकारी का कर्तव्य है।
जनता से जुड़े मुद्दों में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं

जीडीए उपाध्यक्ष (वीसी)
हम गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से जनता की शिकायतों का निस्तारण पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ कर रहे हैं। शिकायतों का केवल समय पर निस्तारण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि हर प्रकरण का समाधान गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक होना चाहिए। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह है कि जनता को त्वरित और निष्पक्ष समाधान मिले और उनका विश्वास प्राधिकरण पर बना रहे। मैं सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से आग्रह करता हूँ कि वे अपने दायित्वों के प्रति सजग और जिम्मेदार रहें, ताकि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में जनता का विश्वास और बढ़े और हम प्रदेश के अन्य प्राधिकरणों के लिए उदाहरण प्रस्तुत कर सकें।
अतुल वत्स
उपाध्यक्ष, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण
















