- नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक और महापौर सुनीता दयाल के नेतृत्व में शहर बना प्रदूषण नियंत्रण में मिसाल
- सड़कों के सुधार, पौधारोपण और अत्याधुनिक तकनीक ने सुधार में किया अहम योगदान
- नागरिक सहभागिता और जागरूकता अभियानों से लोगों की सोच में बदलाव
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कभी देश में प्रदूषण और धूल के कारण नकारात्मक चर्चाओं में रहने वाला गाजियाबाद अब अपनी बदलती और साफ-सुथरी छवि के कारण पूरे देश में मिसाल बनता दिख रहा है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 के परिणामों में गाजियाबाद ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पिछले साल राष्ट्रीय रैंकिंग में 18वें स्थान पर रहने वाला शहर इस बार 200 में से 183 अंक प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर 12वें स्थान पर पहुंच गया। उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद ने पांचवां स्थान हासिल किया, जो शहर की प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छता प्रयासों की एक बड़ी उपलब्धि है।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक और महापौर सुनीता दयाल के कुशल नेतृत्व में नगर निगम ने पिछले दो वर्षों में वायु गुणवत्ता सुधार पर कई ठोस कदम उठाए। धूल उड़ाने वाली सड़कों को प्राथमिकता देते हुए लगभग 131 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण किया गया।
इस परियोजना में जिन सड़कों पर अधिक धूल और धुएं के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, उन्हें विशेष रूप से ध्यान में रखकर बनाया गया। इसके अलावा, 23 करोड़ रुपये की नई सड़क परियोजनाएं निविदा प्रक्रिया में हैं, जो जल्द ही पूरा होने पर शहर की धूल और प्रदूषण को और कम करेंगी। शहर में हरियाली बढ़ाने के लिए नगर निगम ने पिछले दो वर्षों में लगभग ढाई लाख पौधे लगाकर हरे-भरे वातावरण को सुनिश्चित किया। डंपिंग ग्राउंड को खत्म कर हरित क्षेत्र विकसित किया गया, जिससे न केवल वायु प्रदूषण कम हुआ बल्कि शहर में पर्यावरणीय संतुलन भी बहाल हुआ। यह कदम शहरवासियों की जीवन गुणवत्ता में सुधार और स्वस्थ जीवनशैली के लिए एक अहम पहल साबित हुआ। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2024 में गाजियाबाद को 166 अंक मिले थे और शहर 18वें स्थान पर था। इस बार नगर निगम के सभी विभाग निर्माण, स्वास्थ्य, जलकल और उद्यान की संयुक्त कार्यवाही ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय और सतत मॉनिटरिंग के कारण गाजियाबाद की रैंकिंग में बड़ा सुधार हुआ। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि आने वाले वर्षों में गाजियाबाद में और भी अधिक हरित क्षेत्रों का विकास किया जाएगा। सड़क सुधार और धूल नियंत्रण के लिए नई तकनीकों का प्रयोग किया जाएगा। नागरिकों को प्रदूषण नियंत्रण अभियानों में भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस प्रयास से गाजियाबाद देश के सबसे स्वच्छ शहरों में अपनी पहचान और मजबूत करेगा। आज गाजियाबाद की यह उपलब्धि न केवल नगर निगम के लिए बल्कि पूरे शहर के लिए गर्व का विषय है। वह शहर जो कभी धूल और प्रदूषण के कारण चर्चा में रहता था, अब स्वच्छ हवा, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अग्रसर है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 की यह रैंकिंग गाजियाबाद की बदलती और उभरती छवि का प्रतीक है।
अत्याधुनिक तकनीक के प्रयोग से प्रदूषण नियंत्रण
नगर निगम ने तकनीकी उपायों को अपनाकर प्रदूषण नियंत्रण में बड़ा बदलाव किया। मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनों के माध्यम से सड़कें स्वच्छ रखी जा रही हैं। वॉटर स्प्रिंकलर और वाटर कैनन से धूल नियंत्रण किया जा रहा है। इसके अलावा, एंटी स्मोक गन और वॉटर स्प्रे टैंकर की मदद से वायु प्रदूषण पर रोक लगाने का प्रयास किया जा रहा है। शहर में लगातार 10 आधुनिक गाडिय़ां भ्रमण कर रही हैं, जो धूल को हटाने और वातावरण को स्वच्छ बनाने का काम कर रही हैं।
निर्माण और सी एंड डी वेस्ट निस्तारण
नगर निगम ने सी एंड डी वेस्ट (निर्माण और खनन अवशेष) के निस्तारण को व्यवस्थित किया। निर्माण विभाग हर माह लगभग 200 से 300 मेट्रिक टन सी एंड डी वेस्ट का निस्तारण करता है। इससे शहर के निर्माण स्थलों से निकलने वाली धूल और कचरे पर नियंत्रण मिला और वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ।
नागरिक सहभागिता और जागरूकता अभियान
नगर निगम ने नागरिकों को भी इस मुहिम का हिस्सा बनाया। जनप्रतिनिधियों के सहयोग से व्यापक जागरूकता अभियान चलाए गए। प्लास्टिक मुक्त शहर बनाने और खुले में तंदूर चलाने वालों पर कार्यवाही की गई। निगम की टीम जोनवार अभियान के माध्यम से लोगों से संवाद कर रही है और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों के लिए उन्हें जागरूक कर रही है।

महापौर
नगर निगम गाजियाबाद।
महापौर सुनीता दयाल ने गाजियाबाद की स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में उपलब्ध सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि नगर निगम और शहरवासियों की संयुक्त मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि हमने पिछले वर्षों में सड़कों की मरम्मत, हरियाली बढ़ाने, धूल और प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। यह सफलता दिखाती है कि अगर सभी विभाग और नागरिक मिलकर प्रयास करें तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। हमारा उद्देश्य गाजियाबाद को न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश का सबसे स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त शहर बनाना है। नगर निगम इस दिशा में निरंतर नई तकनीकों और उपायों का प्रयोग करेगा।
सुनीता दयाल
महापौर

नगर आयुक्त
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में गाजियाबाद की शानदार उपलब्धि नगर निगम की टीम और शहरवासियों के समर्पित प्रयासों का प्रमाण है। पिछले दो वर्षों में हमने सड़क निर्माण, पौधारोपण, डंपिंग ग्राउंड की सफाई और हरित क्षेत्र विकसित करने जैसे कई उपाय किए हैं। साथ ही आधुनिक तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल कर वायु गुणवत्ता सुधार पर ध्यान दिया गया है। हमारी टीम मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीन, वॉटर स्प्रिंकलर, वाटर कैनन और एंटी स्मोक गन जैसी अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग कर शहर को स्वच्छ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
यह उपलब्धि केवल प्रशासन की मेहनत का परिणाम नहीं है, बल्कि नागरिकों की जागरूकता और सहभागिता का भी नतीजा है। हम चाहते हैं कि हर नागरिक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाए रखने में योगदान दे। आने वाले वर्षों में हम गाजियाबाद को राष्ट्रीय स्तर पर आदर्श शहर के रूप में स्थापित करने के लिए और कठोर कदम उठाएंगे।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त

















