• महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने अधिकारियों का किया उत्साहवर्धन
• जलकल विभाग की मेहनत और जनभागीदारी से शहर में जल संरक्षण को बढ़ावा
• 11,406 रेनवाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं और 140 तालाबों के जीर्णोद्धार से बढ़ा भूगर्भ जल स्तर”
• जनभागीदारी से बढ़ी जल संरक्षण जागरूकता
• राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और पुरस्कार से मिली नई प्रेरणा
• महोत्सव और सतत प्रयासों से गाजियाबाद बना जल संरक्षण का मॉडल
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जल संचयन के क्षेत्र में गाजियाबाद नगर निगम ने एक बार फिर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। जल शक्ति मंत्रालय और हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में गाजियाबाद नगर निगम को भारत में पांचवां स्थान मिला है। इस उपलब्धि के लिए नगर निगम को 2 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिलेगा। महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने जलकल विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों की मेहनत और समर्पण की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि नगर निगम द्वारा किए जा रहे सतत प्रयास न केवल शहरवासियों के लिए लाभकारी हैं, बल्कि यह गाजियाबाद की पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर उभार रहे हैं। गाजियाबाद नगर निगम ने नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में जल संचयन को बढ़ावा दिया है। नगर निगम द्वारा जलकल विभाग के माध्यम से कुल 11,406 जल संचयन संरचनाएं बनाई गई हैं। इनमें रेनवाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं और तालाबों का जीर्णोद्धार शामिल है।
महापौर सुनीता दयाल ने बताया कि यह परियोजनाएं नगर के पांचों जोन में व्यवस्थित रूप से लागू की गई हैं, जिससे भूगर्भ जल स्तर को बढ़ावा मिला है और शहरवासियों में जल संचयन के प्रति जागरूकता बढ़ी है। नगर निगम ने जल संचयन के तहत पार्कों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग को व्यवस्थित किया है। इसके साथ ही लगभग 140 तालाबों का पुनर्जीवन कर उन्हें उपयोगी और सौंदर्यपूर्ण बनाया गया। इस कार्य से न केवल जल स्तर बढ़ा है, बल्कि शहर का हरित और पर्यावरणीय स्वरूप भी संवारा गया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि हमारे प्रयासों का उद्देश्य केवल जल संचयन करना नहीं है, बल्कि शहरवासियों में इस दिशा में जागरूकता लाना और उन्हें सतत विकास में भागीदार बनाना है। यह सफलता हमारे कर्मचारियों, पार्षदों और नगर निगम की टीम की मेहनत का प्रतिफल है। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि नगर निगम के प्रयासों में नागरिकों की भागीदारी ने इसे और प्रभावशाली बनाया है। हम चाहते हैं कि हर नागरिक जल संचयन को अपनी जिम्मेदारी समझे और इस दिशा में योगदान करे।
शहरवासियों की भागीदारी और जागरूकता
गाजियाबाद नगर निगम ने जनभागीदारी को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न अभियान चलाए, जिससे शहरवासियों में जल संचयन के प्रति जागरूकता बढ़ी। स्थानीय नागरिकों ने भी रेनवाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं और तालाब पुनर्जीवन परियोजनाओं में सक्रिय योगदान दिया।
नगर निगम का दृष्टिकोण और भविष्य की योजना
नगर निगम लगातार जल संचयन के लिए नई परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है। इसके अंतर्गत पार्कों, तालाबों और अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का विस्तार किया जा रहा है। महापौर ने कहा कि नगर निगम जल संचयन के क्षेत्र में निरंतर कार्यवाही जारी रखेगा और माननीय पार्षदों के सहयोग से इसे और मजबूत किया जाएगा। नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम ने जल संचयन को सतत और व्यवस्थित ढंग से लागू करने के लिए विशेष टीम बनाई है, जो परियोजनाओं की निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करती है।
राष्ट्रीय स्तर पर गाजियाबाद की पहचान
इस उपलब्धि के साथ गाजियाबाद नगर निगम ने जल संचयन में उत्कृष्टता और नवाचार का उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह सफलता नगर निगम की मेहनत, अधिकारियों की लगन और नागरिकों की भागीदारी का परिणाम है। 2 करोड़ रुपये का पुरस्कार नगर निगम की इस सफलता का सम्मान है और इसे और बेहतर कार्यों के लिए प्रोत्साहन माना जा रहा है। नगर निगम गाजियाबाद का यह प्रयास न केवल नगर निगम के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे राज्य और देश में जल संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक मॉडल साबित हो रहा है।

महापौर
नगर निगम गाजियाबाद।
गाजियाबाद नगर निगम द्वारा जल संचयन के क्षेत्र में किए गए प्रयास सराहनीय हैं। 11,406 रेनवाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं और लगभग 140 तालाबों के जीर्णोद्धार के माध्यम से हमने न केवल भूगर्भ जल स्तर बढ़ाया है, बल्कि शहरवासियों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई है। यह सफलता नगर निगम अधिकारियों, पार्षदों और नागरिकों की सहभागिता का परिणाम है। हम जल संचयन को और व्यापक बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
सुनीता दयाल
महापौर

नगर आयुक्त
जल संचयन और तालाब पुनर्जीवन के हमारे प्रयासों का उद्देश्य केवल जल स्तर बढ़ाना नहीं है, बल्कि नागरिकों को इस दिशा में जागरूक करना और उन्हें इस कार्य का हिस्सा बनाना है। यह पुरस्कार और राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान हमारे कर्मचारियों, अधिकारियों और नगर निगम की टीम की मेहनत का प्रतिफल है। हम भविष्य में और अधिक योजनाओं और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से जल संचयन को मजबूत बनाएंगे।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त
















