सड़क हादसों में ‘गोल्डन ऑवर’ बचाएगा जान, इलाज में देरी बर्दाश्त नहीं: विकास कश्यप

-जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कैशलेस इलाज, राहवीर योजना, ब्लैक स्पॉट सुधार और स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर कड़े निर्देश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी (नगर) विकास कश्यप की अध्यक्षता में शनिवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की संयुक्त बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर उपचार, यातायात व्यवस्था को सुरक्षित व सुचारु बनाने तथा विद्यालयी वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीएम सिटी विकास कश्यप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के उपचार में किसी भी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने चिकित्सा विभाग को निर्देशित किया कि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर सूचीबद्ध अस्पतालों में नकद रहित उपचार अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए, ताकि अनमोल जीवन को बचाया जा सके।

सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) अमित राजन राय ने बैठक को अवगत कराया कि राहवीर योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय रहते अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिक को सम्मान के साथ प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य गोल्डन ऑवर के दौरान त्वरित उपचार सुनिश्चित कर मृत्यु दर में कमी लाना है। इस पर एडीएम सिटी ने निर्देश दिए कि राहवीर योजना की जानकारी पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ आम नागरिकों तक प्रभावी रूप से पहुंचाई जाए। साथ ही यह विश्वास भी दिलाया जाए कि घायल की मदद करने वाले प्रत्यक्षदर्शियों को किसी प्रकार की कानूनी परेशानी नहीं होगी। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध लाभ देने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद गाजियाबाद के विभिन्न मार्गों पर 22 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इन सभी ब्लैक स्पॉट पर सुधार कार्य कराए जाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, यातायात पुलिस, परिवहन विभाग एवं एनसीआरटीसी की संयुक्त टीम गठित की गई है। टीम को एक सप्ताह के भीतर भौतिक निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। एडीएम सिटी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को निर्देशित किया कि एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय व राज्य मार्गों तथा अन्य प्रमुख सड़कों पर अनधिकृत रूप से खड़े भारी वाहनों के कारण यातायात बाधित होता है और गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ऐसे सभी मार्गों पर वाहनों को सुरक्षित रूप से खड़ा करने के लिए निर्धारित होल्डिंग एरिया चिन्हित किए जाएं।

विद्यालयी वाहनों की सुरक्षा को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक विद्यालय में गठित विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति की गतिविधियों की निगरानी के लिए शिक्षा विभाग से एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए। यह नोडल अधिकारी यह सुनिश्चित करेगा कि विद्यालयों में त्रैमासिक बैठकों का नियमित आयोजन हो रहा है या नहीं तथा उनके कार्यवृत्त जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति को उपलब्ध कराए जाएं। जिन विद्यालयों में अभी तक यह समिति गठित नहीं हुई है, वहां एक माह के भीतर समिति का गठन कर प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में यह भी बताया गया कि जनपद में स्कूल एवं कॉलेज के नाम पंजीकृत 76 ऐसे वाहन हैं, जिनकी फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी है और नोटिस के बावजूद उनका नवीनीकरण नहीं कराया गया है। इस पर एडीएम सिटी ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि फिटनेस समाप्त वाहनों का संचालन किसी भी स्थिति में न किया जाए और विद्यालय प्रबंधन इस विषय में पूर्ण जिम्मेदारी निभाएं। बैठक में परिवहन विभाग, यातायात पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, शिक्षा विभाग के अधिकारी सहित स्कूलों के प्रबंधक, प्रधानाचार्य एवं परिवहन प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर लिए गए निर्णयों को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया गया।