-2 सितंबर से 6 सितंबर तक काली पट्टी बांधकर अपने कार्यस्थल पर करेंगे काम
-पुरानी पेंशन के लिए सरकारी कर्मचारियों ने कसी कमर, 96 घंटे तक बाधेंगे काली पट्टी
गाजियाबाद। केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह पुरानी पेंशन बहाली की बजाए एनपीएस में सुधार कर नई पेंशन योजना यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) लागू करने की घोषणा की है। ज्यादातर कर्मचारी संगठनों ने यूपीएस का विरोध किया है। कई संगठनों ने केंद्र सरकार का यूपीएस पर नोटिफिकेशन आने से पहले ही विरोध का बिगुल बजा दिया है। ओपीएस बहाली के लिए दो सितंबर से छह सितंबर तक एक अभियान शुरु किया है। इसके तहत पूरे देश के शिक्षक एवं दूसरे कर्मचारी, काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जाहिर कर रहे है।
अटेवा/एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंध एवं जनपद गाजियाबाद जिलाध्यक्ष मनीष कुमार शर्मा के आह्वान पर मंगलवार को अटेवा के साथ स्वास्थ्य विभाग में डीपीए अध्यक्ष नरेन्द्र शर्मा, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष अटेवा एसपी सिंह के नेतृत्व में माध्यमिक शिक्षा विभाग के जिला से लेकर ग्रामीण अंचल के समस्त चिकित्सालयों पर कर्मचारियों ने ओपीएस बहाली के लिए अटेवा द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रम में काला फीता बांधकर अपना विरोध जाहिर किया।
अमरीस अंबालियां प्रवक्ता अटेवा के नेतृव में जिला चिकित्सालय व महिला चिकित्सालय में फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, ईसीजी टेक्नीशियन, एक्स-रे टेक्नीशियन, चतुर्थ श्रेणी, लैब सहायक संवर्ग के समस्त कर्मचारियों ने भी पुरानी पेंशन की बहाली के लिए अटेवा के साथ कदम से कदम मिलाकर संघर्ष का संकल्प लिया। महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष आरती वर्मा और महामंत्री मीनू शर्मा के नेतृत्व में बेसिक शिक्षा विभाग ने काली पट्टी बढ़ाकर विरोध प्रदर्शन हुआ। सरकार द्वारा पेंशन के मुद्दे पर बार-बार लकीर पीटने पर गुस्साए शिक्षक कर्मचारियों द्वारा जनपद के प्राथमिक शिक्षा के सभी सुदूर ब्लाकों, माध्यमिक विभाग के सभी इंटर कॉलेजों पर शिक्षक/कर्मचारियों ने बांह पर काली पट्टी बांध अपना प्रतिरोध दर्ज किया।
जिलाध्यक्ष मनीष शर्मा ने कहा केंद्र सरकार द्वारा घोषित की गई यूपीएस योजना का विरोध किया गया है। इसे कर्मचारियों के बुढ़ापे के लिए जोखिम वाली योजना बताया है। यूपीएस से रिटायर्ड पर्सन की सामाजिक सुरक्षा खत्म होती है। जिला महामंत्री राम शेष वर्मा के प्रयासों से तमाम विभागों जैसे लेखपाल संघ, विकास भवन, कृषि विभाग, जल निगम, जीएसटी विभाग आदि विभाग के कर्मचारियों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करते हुए अपने अपने कार्यों को संपादित किया। प्रतिरोध का यह क्रम 6 सितंबर तक जिले के समस्त विभागों में अनवरत जारी रहेगा। मंगलवार को दूसरे दिन ही कर्मचारियों में एनपीएस व यूपीएस के विरोध और ओपीएस के समर्थन में गजब का उत्साह दिखा। क्योंकि कर्मचारी 60 साल की उम्र तक देश की सेवा करता है और उम्मीद करता है कि काम से कम उसका बुढ़ापा सुखमय बीते परंतु हर बार विभिन्न नियम कायदों से घुमाफिरा कर उसे छला ही जाता रहा है।
जि़ला कोषाध्यक्ष प्रदीप कुमार चौहान ने कहा इस छलावे को कर्मचारी पूरी तरह से समझ चुका है और ठान चुका है कि जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं होती चैन से नहीं बैठना होगा। रेलवे से मनीष हरिनंदन ने लोको शेड और स्टेशन पर प्रदर्शन किया। सफल कार्यक्रम के लिए एमएचएच डिग्री कॉलेज के एसिस्टेंट प्रोफेसर शैलेन्द्र गंगवार, एमएमएच कॉलेज के प्रोफेसर दीप्ति रानी, कामना यादव, अनिल गोविंदम, केशव कुमार, कुमदेश कुमार, सीमा कोहली, आरती सिंह, सूर्या प्रकाश, जितेंद्र पाल,परितोष मानी, संजीत प्रताप सिंह ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। संगठन के आधार स्तंभ सभी ब्लाकों के सम्मानित ब्लॉक अध्यक्षों पारस गोस्वामी,राजपाल यादव, संजय चौधरी,गीता ढींगरा, अमित त्यागी समेत हजारों लोग इस विरोध में शामिल हुए।





















