-बकाया नहीं चुकाने पर यीडा ने एक हजार एकड़ भूखंड का आवंटन कर दिया था रद, अदालत में है मामला
विजय मिश्रा (उदय भूमि)
ग्रेटर नोएडा। जेपी स्पोर्ट्स का एक हजार एकड़ का भूखंड आवंटन रद्द करने को लेकर दी गई चुनौती पर अदालत ने यमुना प्राधिकरण से इसकी कार्ययोजना मांगी है। इस परियोजना में करीब 4600 फ्लैट/भूखंड के आवंटी फंसे हैं। अब प्राधिकरण बताएगा कि किस तरह से इनको पूरा करके आवंटियों को कब्जा दिया जाएगा। साथ ही प्राधिकरण को बकाया किस तरह से मिलेगा।
यमुना प्राधिकरण ने जेपी स्पोट़्र्स कंपनी को यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे एक हजार एकड़ जमीन आवंटित की थी। इस जमीन पर बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (बीआईसी), क्रिकेट स्टेडियम और आवासीय परियोजनाएं हैं। साथ ही कंपनी ने नियमों के अनुरूप कई कंपनियों को जमीन आवंटित कर दी। कंपनी ने प्राधिकरण का बकाया नहीं चुका रही थी। यह बकाया करीब एक हजार करोड़ रुपये था। इसके बाद प्राधिकरण ने इसका आवंटन निरस्त कर दिया। साथ ही बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट को सील कर दिया। इस फैसले के खिलाफ कंपनी हाईकोर्ट गई। हाईकोर्ट ने इस फैसले को सही माना और प्राधिकरण ने उसका प्लान मांगा। इसके बाद कंपनी सुप्रीम कोर्ट गई। हाल ही में मामले की सुनवाई हुई और प्राधिकरण से फिर कार्ययोजना मांगी गई है। अब प्राधिकरण अपनी कार्ययोजना सौंपेगा। इसमें 4600 फ्लैट/भूखंड के आवंटी हैं। इनको भी कब्जा दिया जाना है।
फार्मूला वन और मोटो जीपी रेस का गवाह है बीआईसी
देश में रोमांचक खेलों का नया अध्याय शुरू करने में फार्मूला वन रेस ट्रैक ने अहम भूमिका निभाई थी। 2000 करोड़ रुपये की लागत से 250 एकड़ में 5.13 किमी लंबा फार्मूला वन रेस ट्रैक तैयार किया गया था। 14 स्टैंड में 1.20 लाख दर्शक क्षमता वाले फार्मूला वन रेस ट्रैक का 2011 में उद्घाटन के साथ पहली बार फार्मूला वन रेस का आयोजन हुआ। 2013 तक ट्रैक पर फार्मूला वन कारों का रोमांच कायम रहा, लेकिन बाद में इसे कैलेंडर से हटा दिया गया। वर्षों तक फार्मूला वन रेस ट्रैक छोटे व स्थानीय आयोजन का स्थल बनकर रह गया, लेकिन 2023 में एक बार फिर फार्मूला वन रेस ट्रैक पर रोमांच मोटो जीपी बाइक रेस के साथ लौटा। प्रदेश सरकार ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए 18 करोड़ रुपये देने के साथ देश विदेश में इसका जमकर प्रचार किया। आयोजन पर करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये खर्च हुए।
निर्माणाधीन क्रिकेट स्टेडियम भी है
यमुना प्राधिकरण ने क्रिकेट स्टेडियम को बीसीसीआई को देने के प्रयास किया, लेकिन यह प्रयास फलीभूत नहीं हुए। संचालन के लिए प्राधिकरण इसे निश्चित अवधि के लिए किसी संस्था को सौंप सकता है। यहां निर्माणाधीन क्रिकेट स्टेडियम है। जो अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करता है। यह इस इलाके के लिए बड़ी प्रॉपटी है।
















