अब 9 दिसम्बर को होगी छठे दौर की बातचीत
नई दिल्ली। आंदोलनरत किसानों और केंद्र सरकार के बीच शनिवार को आयोजित पांचवें दौर की वार्ता का भी कोई नतीजा नहीं निकल पाया। करीब 4 घंटे तक मंथन के बावजूद परिणाम सिफर रहा। अब 9 दिसम्बर को छठे दौर की वार्ता निर्धारित की गई है। उधर, दिल्ली बॉर्डर पर किसानों की संख्या में वृद्धि हो रही है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूती की गई है। दिल्ली के विज्ञान भवन में दोपहर करीब ढाई बजे से पांचवे दौर की बातचीत शुरू हुई थी। यह बातचीत शाम करीब 7 बजे तक चली। इस दरम्यान किसान प्रतिनिधियों ने नए कृषि कानूनों को समाप्त करने की मांग की। सरकार ने कानूनों को वापस लेने की बजाए कुछ संशोधन करने पर सहमति जताई। इसके चलते वार्ता का कोई परिणाम नहीं निकल पाया। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने 40 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की। वार्ता के मध्य लंच ब्रेक होने पर किसानों ने सरकारी की तरफ से परोसे गए भोजन को खाने से इंकार कर दिया। किसानों ने साथ लाए गए भोजन को खाया। बता दें कि पांचवें दौर की वार्ता से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर अह्म बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पहुंचे थे। इस दौरान नए कृषि कानूनों और किसान आंदोलन पर चर्चा की गई थी। किसान आंदोलन का आज 10वां दिन था। अब तक सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच पांच दौर की वार्ता हो चुकी है। पांचवें दौर की वार्ता से पहले कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि उम्मीद है कि किसान सकारात्मक रूप से सोचेंगे और आंदोलन को समाप्त कर देंगे, मगर ऐसा नहीं हो सका। उधर, दिल्ली बॉर्डर पर किसानों की तादात बढऩे पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को मुस्तैद किया गया है।
















