-केदार सभा ने किया विश्व शांति के लिए हवन का आयोजन
रुद्रप्रयाग। बाबा केदारनाथ के रक्षक के रूप में पूजे जाने वाले भगवान भैरवनाथ के कपाट तीर्थ पुरोहितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण एवं पूरी विधि-विधान के साथ शनिवार को विश्व शांति के लिए हवन का आयोजन हुआ। मुख्य यजमान श्री केदार सभा अध्यक्ष पं राजकुमार तिवारी व आचार्य पद पर विराजमान आचार्य संजय तिवारी के नेतृत्व में वैदिक मंत्रोच्चारण से हवन संपन्न हुआ। मंदिर में करीब दो घंटे चली भैरवनाथ की विशेष पूजा-अर्चना के साथ भगवान का अभिषेक भी किया गया। इसके बाद जौ-तिल व घी से हवन किया गया। भगवान को प्रसाद के रूप में पूरी, रोटी व पकोड़े बनाकर उसका भोग लगाया गया। अंत में भक्तों को यह प्रसाद भक्तों में वितरित किया गया।
इसके उपरांत भक्तों को प्रसाद भी वितरित किया गया। कपाट खुलने के बाद केदारनाथ मंदिर होने वाली नित्य पूजाएं व शाम की आरती भी विधिवत शुरू हो गई है। केदार सभा अध्यक्ष पंडित राजकुमार तिवारी ने प्रात: बाबा केदारनाथ का रुद्राभिषेक कर हवन के सकुशल संपन्न होने की कामना की। अध्यक्ष पंडित राजकुमार तिवारी ने कहा केदारनाथ आने वाले भक्त अक्सर बाबा केदार की ही पूजा-अर्चना करते हैं, लेकिन अधिकांश भक्तों को यह पता नहीं है कि केदार बाबा की पूजा-अर्चना से पहले केदारनाथ के क्षेत्र रक्षक भैरवनाथ की पूजा का विधान है। केदारनाथ धाम से आधा किमी दूर स्थित भैरव बाबा के कपाट जब तक नहीं खुलते हैं, तब तक केदार बाबा की आरती नहीं होती है और ना ही भोग लगता है। जब केदारनाथ धाम के कपाट बंद होते हैं और केदारनाथ में कोई नहीं रहता है तो भैरवनाथ ही सम्पूर्ण केदारनगरी की रक्षा करते हैं।
जिस प्रकार केदारनाथ भगवान के दर्शन का अपना अलग महत्व है, ठीक उसी तरह भैरवनाथ के दर्शनों का भी है। यह एक सिद्ध स्थल है। केदारनाथ धाम में इतनी बड़ी आपदा आई थी, लेकिन भैरवनाथ को कहीं भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा था, बल्कि भैरव बाबा ने आपदा आने का संकेत पहले से दे दिया था। बता दें कि भैरवनाथ को भगवान शिव का ही रूप माना जाता है। यहां मूर्तियां भैरव की हैं, जो बिना छत के स्थापित हैं। भगवान भैरवनाथ को क्षेत्र के संरक्षक के रूप में पूजा जाता है। लोक कथाओं के अनुसार जब सर्दियों में केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद रहते हैं, तब भैरवनाथ मंदिर की रखवाली करते हैं। इस दौरान केदार सभा महामंत्री पं राजेन्द्र प्रसाद तिवारी, केदार सभा उपमंत्री पंडित अंकित सेमवाल, कोषाध्यक्ष पंडित प्रवीण तिवारी, मीडिया प्रभारी पंडित पंकज शुक्ला, आचार्य संतोष त्रिवेदी, वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित उमेश पोस्ती, पूर्व केदार सभा अध्यक्ष पंडित बिनोद प्रसाद शुक्ला, केदार मंदिर समिति के कार्यधिकारी रमेश चन्द्र तिवारी और अन्य लोग उपस्थित रहें।


















