-कविनगर जोन में जगह-जगह कूड़ा डालना होगा खत्म, जनहित में हो रहा कार्य: सुनीता दयाल
-एमआरएफ सेंटर से शहर में कूड़े की समस्या का होगा समाधान: नगर आयुक्त
गाजियाबाद। शहर से निकलने वाले कूड़े का अब नगर निगम द्वारा बेहतर तरीके से निस्तारण किया जाएगा। इसी क्रम में रविवार को महापौर सुनीता दयाल एवं नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने संयुक्त रूप से नारियल फोड़कर एवं फीता काटकर गोविंदपुरम में 200 टीपीडी के कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन और नंदग्राम में 200 टीपीडी के मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर का फीता काटकर लोकार्पण किया। भारतीय प्रदूषण नियंत्रण संघ (आईपीसीए), एसबीआई काड्र्स एंड पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड और नगर निगम द्वारा यह सेंटर स्थापित किया गया है। आईपीसीए ने एक नई सुधार के रूप में यह स्थापित किया है। मधुबन-बापूधाम योजना में जीडीए की जमीन पर यह 200 टीपीडी के कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन होगा। नगर निगम के कविनगर जोन अंतर्गत आने वाले इस स्टेशन से जोन क्षेत्र में जगह-जगह कूड़ा डला होने की समस्या खत्म होगी। नगर आयुक्त विक्रमादित्य मलिक ने कहा कि यह पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल एमआरएफ सेंटर से शहर में कूड़े की समस्या हो काफी हद तक कम होगी।
महापौर व नगर आयुक्त ने कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन में बैठकर चाय की चुस्की भी ली। महापौर सुनीता दयाल ने कूड़ा वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पीपीपी मॉडल पर यह कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन जेएस एनवाईरो कंपनी द्वारा स्थापित किया गया है। जीडीए की मधुबन-बापूधाम योजना में 2000 वर्गमीटर भूमि पर इसका निर्माण किया गया है। इसका संचालन एवं अनुरक्षण का कार्य जेएस एनवाईरों कंपनी द्वारा किया जाएगा। स्टेशन में 3 ट्रांसफर मशीन,5 कैप्सूल लगाए गए है। इसमें नगर निगम की कोई धनराशि खर्च नहीं हुई हैं। वहीं, नंदग्राम में रेत मंडी में 150 से 200 टीपीडी क्षमता के मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर का निर्माण किया गया हैं। नगर निगम की भूमि पर भारतीय प्रदूषण नियंत्रण संघ एनजीओ की ओर से एसीबीआई बैंक के सीएसआर फंड से यह स्थापित किया गया है। यह प्रोजेक्ट तीन साल के लिए होगा। इसका संचालन व अनुरक्षण कंपनी द्वारा किया जाएगा। कंपनी द्वारा चार ओडब्लूसी मशीन लगाई जाएगी।इसमें गीले कूड़े से कंपोस्ट खाद बनाई जाएगी।
वहीं, सूखे कूड़े से कवरण बेल्ट लगाकर ट्रोमल्स के माध्यम से सेग्रिगेट की व्यवस्था की जाएगी। वेस्ट प्लास्टिक से गमले, बैंच, सर्विंग प्लेट्स, बच्चों की पढ़ाई के लिए दफ्ती, पेंसिल बॉक्स आदि सामग्री बनाई जाएंगी। शहर में इसका अन्य स्थानों पर प्रयोग किया जाएगा। गोविंदपुरम स्थित ट्रांसफर कूड़ा स्टेशन में महापौर, नगर आयुक्त, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉॅ. मिथिलेश कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने चाय-नाश्ता भी किया। यहां पर बदबू नहीं आई। महापौर ने कहा कि कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन के बनने से कविनगर जोन क्षेत्र में कूड़े की समस्या खत्म होगी। वहीं,डोर-टू-डोर कूड़ा किसी वार्ड के स्थान पर न डालकर सीधा स्टेशन पर जाएगा।धर्मकांटे पर कूड़े का वजन करने के बाद वहां से कैप्सूल में खाली होकर प्रॉसेस के लिए जाएगा। इसी प्रकार एमआरएफ सेंटर से भी कूड़े से कंपोस्ट व सेग्रिगेट कर कूड़े का निस्तारण किया जाएगा। इससे शहरवासियों को कूड़े की समस्या से निजात मिलेगी।
कवि नगर इंडस्ट्रियल एरिया के लोगों की शिकायत खत्म करने के लिए डायमंड फ्लाईओवर के नीचे कूड़ा घर एवं अन्य डलावघर भी समाप्त किए जाएंगे। नगर आयुक्त ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण-2023 में प्रदेश में नंबर-1की रैंकिंग प्राप्त हुई है। भविष्य में देश में अव्वल रैंकिंग लाने के लिए यह कार्य किया जा रहा है। कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन और एमआरएफ सेंटर का पीपीपी मॉडल पर सीएसआर फंड से निर्माण कराया गया है। इसमें नगर निगम का कोई पैसा खर्च नहीं हुआ है। इन सेंंटरों का कंपनी द्वारा संचालन एवं अनुरक्षण का कार्य किया जाएगा। इन दोनों प्रोजेक्ट के शुरू होने से शहर में कूड़े की काफी हद तक समस्या दूर होगी।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश कुमार सिंह ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण में ओर बेहतर रैंकिंग के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। इसके लिए अलग तरीके से प्रोजेक्ट लगाकर कूड़े का निस्तारण महापौर एवं नगर आयुक्त के निर्देशन में किया जा रहा है। आईपीसीए के निदेशक आशीष जैन ने बताया कि नगर निगम और एसबीआई कार्ड के सहयोग से सेंटर का निर्माण किया गया है। यह पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा।




















