वायु प्रदूषण को देखकर पटाखे छोड़ने पर रोक
मुंबई। वायु प्रदूषण ने मायानगरी मुंबई को भी मुश्किलों में डाल रखा है। जहरीली आबोहवा से निपटने के सरकारी इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। ऐसे में दीपावली पर्व पर मुंबई में भी पटाखे चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। बीएमसी ने इस बावत आदेश जारी कर दिया है। नागरिकों से दीपावली पर्व सादगी एवं सौहार्द पूर्वक मनाने की अपील की गई है। देशभर में कोविड-19 (कोरोना वायरस) और वायु प्रदूषण ने चिंता बढ़ा रखी है। सर्दी में कोरोना और प्रदूषण की दोहरी मार पड़ रही है। इससे केंद्र और राज्य सरकारें भी हलकान हैं। नतीजन मुंबई में दीपावली पर्व पर पटाखे चलाने पर रोक लगा दी गई है। बीएमसी ने सर्कुलर जारी कर कहा है कि मुंबई के नागरिक दीपावली तक तेज आवाज या प्रदूषण कारी पटाखे नहीं चला सकेंगे। इस दरम्यान सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर भी किसी प्रकार के पटाखे नहीं छोड़े जाएंगे। बीएमसी ने नागरिकों को छूट दी कि दीपावली की शाम को लक्ष्मी पूजन के बाद घर के आंगन या सोसाइटी परिसर में अनार व फुलझड़ी जैसे बिना शोर के पटाखे चलाए जा सकते हैं, मगर नागरिकों को किसी भी हालत में तेज आवाज या धुएं वाले पटाखे चलाने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई नागरिक ऐसा करता पाया गया तो उसके खिलाफ केस दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि इससे पहले दिल्ली सरकार भी 30 नवंबर तक शहर में पटाखों की बिक्री और भंडारण पर प्रतिबंध लगा चुकी है। उधर, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली-एनसीआर में 30 नवंबर तक पटाखों पर पूरी तरह रोक लगा दी है। एनजीटी के इस आदेश की जद में दिल्ली के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान आदि हैं। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से निपटने को ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू किया गया है। इसके बावजूद प्रदूषण की स्थिति में सुधार होता दिखाई नहीं दे रहा है।
















