-यातायात में बाधा बनने वाले दुकानों और मकानों के बढ़े रैंप नहीं हटे तो निगम चलाएगा वार्डवार अभियान: नगर आयुक्त
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर की सड़कों को यातायात के लिए सुगम और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने शहरवासियों से महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने दुकानों और घरों के बाहर अवैध रूप से बनाए गए और सड़क तक बढ़े हुए रैंप को स्वयं हटाने का आग्रह किया है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि ऐसे रैंप जिनके कारण वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही है और जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है, उन्हें तुरंत हटाया जाना आवश्यक है। नगर आयुक्त ने कहा कि नगर निगम शहरहित में यह कदम उठा रहा है और इसमें नागरिकों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अपील की कि दुकानदार और रहवासी स्वेच्छा से अपने-अपने प्रतिष्ठानों और आवासों के सामने बने अवैध रैंप हटा लें, ताकि सड़कों पर आवागमन सरल हो सके और जाम की समस्या से राहत मिले।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर ऐसे रैंप नहीं हटाए गए, तो नगर निगम द्वारा वार्डवार अभियान चलाकर उन्हें हटाया जाएगा। नगर निगम सीमा के अंतर्गत आने वाले सभी पांच जोनों में इस अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत निगम की टीमें घर-घर जाकर दुकानदारों और निवासियों को समझाइश कर रही हैं और अवैध रैंप हटाने के लिए अपील कर रही हैं। इसके साथ ही सभी जोनल प्रभारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में यातायात को बाधित करने वाले रैंप की पहचान कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें।
नगर आयुक्त ने कहा कि सड़कों पर बने अवैध रैंप न केवल यातायात व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि पैदल चलने वालों के लिए भी खतरा पैदा करते हैं। शहर में बढ़ते जाम की समस्या से निपटने और आवागमन को सुचारु बनाने के लिए नगर निगम द्वारा यह एक अहम कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे शहर को व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए नगर निगम का सहयोग करें। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने विश्वास जताया कि यदि नागरिक स्वयं आगे बढ़कर नियमों का पालन करेंगे, तो सड़कों पर यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल किसी के विरुद्ध नहीं, बल्कि शहर के व्यापक हित में की जा रही है, ताकि गाजियाबाद को एक सुचारु, सुरक्षित और सुव्यवस्थित शहर बनाया जा सके।
















