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बजट 3000 करोड़ पार, देनदारी घटी और आय बढ़ी – आत्मनिर्भरता की ओर गाजियाबाद
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24 महीनों में विकास, नवाचार और आत्मनिर्भरता की नई गाथा लिखी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद नगर निगम के आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के कार्यकाल के 2 वर्ष पूर्ण होने पर शहरवासियों, निगम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई दी और उनके योगदान की खुलकर सराहना की। इन दो वर्षों में गाजियाबाद नगर निगम ने न केवल शहर को विकास की नई दिशा दी है, बल्कि अपनी कार्यशैली और पारदर्शिता से राज्य ही नहीं बल्कि पूरे देश में एक उदाहरण पेश किया है। नगर निगम का बजट अब 3722 करोड़ रुपये तक पहुँच चुका है। जहाँ निगम की आय पहले केवल 200 करोड़ रुपये थी, वहीं अब यह 600 करोड़ रुपये के पार पहुँच गई है। सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि निगम की देनदारियाँ, जो कभी 300 करोड़ रुपये थीं, अब घटकर मात्र 60 करोड़ रुपये रह गई हैं। यह बदलाव बताता है कि निगम अब आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है और अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत कर चुका है।
गाजियाबाद शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। स्वच्छ मोहल्ला स्क्वाड, मशीनीकृत सड़क सफाई, ग्रीन मुंशीपाल बॉन्ड के अंतर्गत टीएसटीपी प्लांट और प्रमुख चौराहों का सौंदर्यकरण इनका हिस्सा हैं। शहर के प्रवेश द्वारों को भव्य स्वरूप देने की योजना पहले ही शासन को भेज दी गई है और जल्द ही नागरिक गाजियाबाद के नए रूप को देख सकेंगे। अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार, प्रभारी उद्यान डॉ. अनुज कुमार सिंह, मुख्य अभियंता नरेंद्र कुमार चौधरी, पार्षदगण और सैकड़ों नागरिकों ने इस अवसर पर नगर आयुक्त को बधाई दी। सभी ने माना कि विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में गाजियाबाद ने पिछले दो वर्षों में जो प्रगति की है, वह आने वाले समय में और भी अधिक रफ्तार पकड़ेगी।
1000 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट- गाजियाबाद की पहचान बदली
• पिछले 24 महीनों में नगर निगम ने शासन से 1000 करोड़ से अधिक की योजनाएं स्वीकृत कराई हैं।
• बायोडायवर्सिटी पार्क, जो शहर की हरियाली और जैव विविधता को नया जीवन देगा।
• उपवन योजना, जिससे नागरिकों को मनोरंजन और स्वस्थ वातावरण मिलेगा।
• एनिमल बर्थ एंड कंट्रोल सेंटर, जो पशु स्वास्थ्य और प्रबंधन में सहायक होगा।
• वर्किंग वूमेन हॉस्टल और सीनियर सिटीजन केयर सेंटर, जिनसे महिलाओं और बुजुर्गों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिलेगा।
• स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, जो युवा खिलाडिय़ों की नई पीढ़ी तैयार करेगा।
• गंगा जल आपूर्ति योजना और हरित शवदाह गृह जैसी योजनाएँ, जो जनता की ज़रूरतों को पूरा करने के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ी हैं। ये प्रोजेक्ट न केवल शहर के विकास की तस्वीर बदलेंगे बल्कि गाजियाबाद को राष्ट्रीय मानचित्र पर एक आदर्श नगर के रूप में स्थापित करेंगे।
डिजिटल और हाईटेक सिस्टम से बढ़ी पारदर्शिता
• नगर आयुक्त के नेतृत्व में निगम ने आधुनिक तकनीक को अपनाकर अपनी कार्यशैली को तेज और पारदर्शी बनाया है।
• इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से पूरे शहर की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
• 311 एप्लीकेशन और माई जीएनएन से नागरिकों की समस्याओं का समाधान अब सिर्फ एक क्लिक पर उपलब्ध है।
• व्हीकल ट्रैकिंग मॉनिटरिंग सिस्टम से निगम के संसाधनों का उपयोग और अधिक कुशल हो गया है।
• इन तकनीकी सुधारों से न केवल समय की बचत हुई है बल्कि जनता का विश्वास भी निगम पर और गहरा हुआ है।
पर्यावरण संरक्षण और हरित पहल
• नगर निगम ने पर्यावरण को संरक्षित करने और वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए कई ऐतिहासिक कार्य किए हैं।
• 16 स्थानों पर मियावाकी पद्धति से वृक्षारोपण।
• शहर में एंटी-स्मॉग गन की तैनाती।
• तालाबों का पुनर्जीवीकरण और जल संरक्षण।
• ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों का विस्तार।
इन पहलों से गाजियाबाद को एक ग्रीन और क्लीन सिटी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
विश्वस्तरीय पहचान – गाजियाबाद का मान बढ़ा
गाजियाबाद नगर निगम ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी छाप छोड़ी है। ब्लूमबर्ग मेयर चैलेंज 2025 में गाजियाबाद की परियोजनाओं को सराहना मिली। कार्बन क्रेडिट पहल से शहर को पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में नई पहचान मिली। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गाजियाबाद को सम्मानित किया गया। इन उपलब्धियों ने गाजियाबाद को केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में अग्रणी नगर निगमों की श्रेणी में ला खड़ा किया है।
भविष्य की योजनाएं – और आगे बढ़ेगा गाजियाबाद
नगर आयुक्त ने साफ कहा कि आने वाले समय में निगम का फोकस शहर के सौंदर्यकरण, हरित परियोजनाओं और स्मार्ट सुविधाओं पर रहेगा। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद को विश्वस्तरीय और आत्मनिर्भर शहर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

नगर आयुक्त
गाजियाबाद नगर निगम ने बीते 24 महीनों में विकास, स्वच्छता और वित्तीय सुधार के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। शासन से मिले 1000 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट्स शहर को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने में मददगार होंगे। हमने निगम की आय को 200 करोड़ से बढ़ाकर 600 करोड़ तक पहुँचाया है, साथ ही देनदारियों को भी 300 करोड़ से घटाकर मात्र 60 करोड़ पर ला दिया है। आने वाले समय में निगम का पूरा ध्यान शहर के सौंदर्यकरण, प्रमुख चौराहों के विकास और गाजियाबाद को विश्व स्तर पर एक आदर्श शहर बनाने पर होगा। यह सब निगम टीम, पार्षदों और गाजियाबाद की जनता के सहयोग से ही संभव हुआ है।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त
नगर निगम गाजियाबाद।

















