कार्यालय में नहीं रहेगा कबाड़, जोनल कार्यालयों का होगा सौदर्यीकरण

– म्युनिसिपल कमिश्नर महेंद्र सिंह तंवर ने बेकार पड़े कबाड़ के नीलामी का दिया आदेश

उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। शहर के सौदर्यीकरण के साथ-साथ अब नगर निगम कार्यालयों की दशा भी सुधरेगी। मेयर आशा शर्मा एवं म्युनिसिपल कमिश्नर महेंद्र सिंह तंवर द्वारा निगम मुख्यालय एवं जोनल कार्यालयों के जीर्णोद्धार एवं सौदर्यीकरण की योजना बनाई गई है। म्युनिसिपल कमिश्नर ने वरिष्ठ अधिकारियों को ताकीद की है कि वह अपने कक्ष एवं कार्यालय की सफाई व सौयर्दीकरण को लेकर संजीदा रहे। निगम कार्यालय स्वच्छ एवं सुंदर रहने से शहर में उसकी अच्छी छवि बनेगी।गाजियाबाद नगर निगम का चार्ज संभालने के बाद म्युनिसिपल कमिश्नर महेंद्र सिंह तंवर ने सबसे पहले सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ सौदर्यीकरण पर जोर दिया। वेस्ट प्लास्टिक मैटेरियल से आनंद विहार एंट्री प्वाइंट पर किये गये सौदर्यीकरण की खूब सराहना हुई। सड़क किनारे खुले में फेके जाने वाले कूड़े पर रोक लगाई। इन प्रयासों का असर भी दिखाई दे रहा है। हालांकि यह अभी शुरूआत है। लेकिन साफ-सफाई एवं सौदर्यीकरण की इन योजनाओं पर इसी ढ़ंग से अमल होता रहा तो आने वाले समय में शहर की छवि एवं दृष्य अवश्य बदल जाएगा। पिछले दिनों म्युनिसिपल कमिश्नर ने नगर निगम के जोनल कार्यालयों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान जोनल कार्यालय बेहाल मिले। सभी जोनों में वर्षों से खराब पड़ी हुई मशीनें व अन्य बेकार के उपकरण रखे हुए थे। जो कि उपयोग में लाए जाने लायक नहीं हैं। निगम के जोनल कार्यालयों की यह स्थिति विभाग की छवि को भी धूमिल कर रहा है। म्युनिसिपल कमिश्नर ने सभी जोनल प्रभारियों को भी स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि वह अपने-अपने जोन के आॅफिसों को सुंदर व स्वच्छ रखें। यही निर्देश सभी विभागों के विभागाध्यक्षों को भी दिया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि कहीं भी पूरे शहर में निगम की कोई भी वस्तु जैसे कि कूड़ा गाड़ी खींचने वाले छोटे उपकरण, ई-रिक्शा मशीनें मोबाइल टॉयलेट व अन्य सामग्री कहीं भी लावारिस अवस्था में न पाई जाए। यदि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही किसी विभाग द्वारा बरती जाती है तो उसके खिसलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।