बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर का सत्यग्रह आंदोलन बिगाड़ न दें आगामी चुनाव का समीकरण

-समाजसेवी तरुण मिश्र ने जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पांडे से की शिष्टाचार भेंट, स्वास्थ्य का जाना हालचाल

उदय भूमि
पटना। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पांडे (प्रशांत किशोर) से मंगलवार को समाजसेवक एवं अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री तरुण मिश्र ने बिहार सत्याग्रह आश्रम में मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना। साथ ही बीपीएससी छात्रों के साथ भी संवाद किया। गौरतलब हो कि जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की तबीयत 2 जनवरी से चल रहे बेमियादी अनशन के छठे दिन बिगड़ गई थी। छह दिन से सिर्फ पानी पर रहने के कारण के कारण डॉक्टरों ने उनकी हालत को गंभीर बताया है। प्रशांत किशोर को पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उन्हें आईसीयू में रखा गया है। अनशन जारी रखने पर अड़े प्रशांत किशोर मुंह से खाने वाली दवा तक नहीं ले रहे हैं। लेकिन अब उनकी हालत में काफी सुधार है। बीपीएससी अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज के बाद छात्रों के समर्थन में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पांडे अनशन पर बैठे। जहां से उन्हें पुलिस ने अनशन के कई दिन बाद गिरफ्तार किया।

जमानत के बाद बीपीएससी छात्र के आंदोलन को सत्यग्रह का नाम दिया और पटना के गंगानदी के कछार में उन्होंने बिहार सत्यग्रह आश्रम (टैंट सिटी) बसाकर वहां पर सत्यग्रह का रुप देने का काम किया जा रहा है। जहां पर हजारों की संख्या में प्रतिदिन नए लोग प्रशांत किशोर से मिलकर अपना समर्थन दे रहें है। ऐसा संकेत मिला है कि साल के आखिर में होने वाले बिहार विधानसभा के चुनाव तक आश्रम से ही वो अपनी सारी राजनीतिक गतिविधियों को संचालित करेंगे। जिस तरह से प्रशांत किशोर को हजारों लोगों का समर्थन मिल रहा है, क्या इनका सत्यग्रह आगामी विधानसभा चुनाव में अन्य पार्टियों का समीकरण बिगाड़ सकता है। वहीं समाजसेवक तरुण मिश्र ने मंगलवार को जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पांडे से मुलाकात के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। उन्होंने उनसे सत्यग्रह आंदोलन के बीच अपने स्वास्थ्य की भी देखभाल रखने की अपील की। वहीं तरुण मिश्र ने कहा कि प्रशांत किशोर से मुलाकात के दौरान ब्राह्मणों के हितों को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। क्योंकि जिस तरह से अभी भी कई राज्यों में ब्राह्मणों के लिए सरकार द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, यह हमारे लिए दुर्भाग्य की बात है।

उन्होंने कहा जिस तरह से प्रशांत किशोर पांडे अन्य मुद्दों को लेकर सत्यग्रह कर रहें है, उसमें कहीं न कहीं ब्राह्मणों के हितों को लेकर भी मुद्दे उठाने की जरुरत है। ब्राह्मणों के हितों को लेकर हर कोई बात करता है, मगर उसकी शुरुआत बहुत ही कम राज्यों में हुई है। बिहार में कई बार कई मंत्रियों से मुलाकात कर ब्राह्मण कल्याण बोर्ड को लेकर बात की जा चुकी है। ब्राह्मण हित के लिए एक बार फिर से आंदोलन शुरु किया जाएगा। बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर पांडे ने आश्वासन दिया कि अपने सत्यग्रह में ब्राह्मण हित के लिए भी सरकार से मांग की जाएगी। जिसके लिए सभी के सहयोग की जरुरत है।