जनता के साथ संवेदनशील संवाद ही सशक्त पुलिसिंग की नींव: जे. रविंद्र गौड़

-नेहरू नगर में आयोजित बीट सम्मेलन में ‘हर व्यक्ति, हर प्राणी हमारा है’ संकल्प के साथ नागरिक केंद्रित पुलिसिंग को लेकर दिए गए दिशा-निर्देश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। पुलिसिंग सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, यह जनसेवा का माध्यम है। हमें महात्मा गांधी के उस आदर्श को याद रखना चाहिए जिसमें वे कहते हैं कि सेवा में विनम्रता होनी चाहिए। जनता के प्रति हमारा व्यवहार ही हमारी पहचान है। यह बातें बुधवार को पुलिस की छवि को सेवा, सुरक्षा और संवेदना के साथ जोडऩे की दिशा में नेहरू नगर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में नगर जोन के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों, चौकी इंचार्जों, बीट उपनिरीक्षकों और बीट पुलिस अधिकारियों (बीपीओ) के साथ आयोजित सम्मेलन में पुलिस आयुक्त जे. रविंद्र गौड़ ने कहीं। उन्होंने कहा जनता को सम्मान, अपराध पर नियंत्रण और संवाद में संवेदना यही है हमारी प्राथमिकता। बीट प्रणाली एक सशक्त माध्यम है जिसके जरिए पुलिस आमजन तक सीधे पहुँच सकती है।

आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी बीट अधिकारी सप्ताह में तीन दिन अपने क्षेत्र में भ्रमण करें, बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगों और कमजोर वर्गों से संवाद करें और उनके विश्वास को मजबूत करें। इस दौरान एडिशनल पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी, डीसीपी नगर धवल जायसवाल,एसीपी रितेश त्रिपाठी,एसीपी पूनम मिश्रा समेत थाना,चौकी प्रभारी व बीट उपनिरीक्षकों और बीट पुलिस अधिकारियों को नागरिक केंद्रित पुलिसिंग और बीट प्रणाली के तहत आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए और किसी भी शिकायतकर्ता के साथ असंवेदनशील व्यवहार नहीं होना चाहिए। बीट अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीट क्षेत्र में गोहत्या, सट्टा, जुआ, अवैध शराब और मादक पदार्थों की बिक्री जैसी अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए सतर्कता बरतें। सक्रिय अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों पर कड़ी निगरानी रखें, विशेषकर घुमंतू व संदिग्ध जातियों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखें। सभी संप्रदायों के गणमान्य व्यक्तियों से संपर्क बनाए रखें ताकि साम्प्रदायिक सौहार्द कायम रहे।

सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करें और बीट से जुड़े सभी घटनाक्रमों का उचित दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करें। गणमान्य नागरिकों व डिजिटल वालंटियर्स के साथ व्हाट्सएप समूह बनाकर संवाद को लगातार सक्रिय रखें। पुलिस आयुक्त ने सभी अधिकारियों से कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस का यह मंत्र – ‘हर व्यक्ति, हर प्राणी हमारा हैÓ – केवल नारा नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी है। जब हम मृदुल व्यवहार, त्वरित कार्यवाही और संवेदनशील संवाद को अपनाएँगे, तभी पुलिस के प्रति विश्वास और सम्मान दोनों बढ़ेगा। सम्मेलन में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं कानून-व्यवस्था, पुलिस उपायुक्त नगर सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह आयोजन गाजियाबाद पुलिस की ओर से नागरिकों के साथ रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।

संगठनात्मक आँकड़े
गाजियाबाद नगर जोन के अंतर्गत कुल 6 थानों को 543 बीट क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जहाँ 333 बीट एसआई और 448 बीट पुलिस अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यह संरचना जनता से नजदीकी बढ़ाने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगी।