झटका : जेल में मनेगी शाहरुख की दीपावली

दिल्ली दंगों के आरोपी को नहीं मिली जमानत

नई दिल्ली। दिल्ली में दंगों के दरम्यान खुलेआम हथियार लहराने पर फंसे शाहरुख पठान की दीपावली भी जेल में मनेगी। कड़कडड़ूमा कोर्ट ने आरोपी को अंतरिम जमानत देने से साफ इनकार कर दिया है। शाहरुख में पक्ष में दलीलों से कोर्ट संतुष्ट नहीं दिखा। दिल्ली में फरवरी माह में सांप्रदायिक दंगे भड़क गए थे। उस दौरान आरोपी शाहरुख पठान की विवादास्पद तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। वह खुलेआम पुलिस की तरफ गन को लहरा रहा था। शाहरुख ने जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास तैनात दिल्ली पुलिस के एचसी दीपक दहिया पर फायरिंग करने का इशारा कर पिस्टल पकड़ कर दहिया की ओर तान दी थी। बाद में शाहरुख पठान घटनास्थल से रफूचक्कर हो गया था। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की टीम ने बाद में उत्तर प्रदेश के शामली से आरोपी शाहरुख को गिरफ्तार कर लिया था। शाहरुख पठान की ओर से मां की देखभाल करने और पिता की सर्जरी कराने हेतु अंतरिम जमानत देने की अर्जी दिल्ली कड़कडड़ूमा कोर्ट में लगाई गई थी। इस अर्जी पर कोर्ट ने कहा कि पिता की सर्जरी कराने के लिए जिस डॉक्टर का हवाला दिया गया वह डॉक्टर फर्जी प्रमाण पत्र जारी करता पाया गया है। इसे देखकर शाहरुख पठान को जमानत नहीं दी जा सकती है। उसकी मां की देखभाल के लिए घर के बाकी परिजन और पिता पर्याप्त हैं। शाहरुख पठान की तरफ से अधिक्वता असगर खान और तारिक खान ने कई दलीलें कोर्ट के सामने रखीं। बताया गया कि शाहरुख पठान का यह पहला अपराधिक मामला है, मगर कोर्ट इन दलितों से संतुष्ट नहीं दिखा। कोर्ट ने आदेश में कहा है कि जिस तरह से शाहरुख ने कानून व्यवस्था बनाए रखने को मौके पर मौजूद पुलिस कर्मी पर पिस्टल तानी और बाद में फरार हो गया, उसके इस आचरण को देखकर जमानत पर रिहा करना जोखिम का काम है। लिहाजा कोर्ट शाहरुख पठान की जमानत अर्जी को खारिज कर रही है।