काशी विश्वनाथ की तर्ज पर सिद्धपीठ दूधेश्वरनाथ मंदिर कॉरिडोर का होगा निर्माण

• दूधेश्वरनाथ मंदिर के आसपास ड्रोन से होगी वीडियोग्राफी: नगर आयुक्त
• नगर आयुक्त ने महंत नारायण गिरी से की मुलाकात, बनाई कार्ययोजना
• दूधेश्वरनाथ के बाहर का मार्ग चौड़ीकरण से आगंतुकों और श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत: महंत नारायण गिरी

उदय भूमि
गाजियाबाद। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। मंदिर व इसके आसपास भक्तों को हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर भारत ही नहीं पूरे विश्व के प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। शहर के प्राचीन सिद्धपीठ दूधेश्वरनाथ मंदिर के कॉरिडोर का निर्माण कराने के लिए अब नगर निगम ने तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार को जिले के प्रभारी मंत्री असीम अरूण ने बैठक में दूधेश्वरनाथ मंदिर कॉरिडोर का निर्माण करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में गुरुवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक अपर नगर आयुक्त अरूण कुमार यादव के साथ सिद्धपीठ दूधेश्वरनाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने वहां पर मंदिर के श्रीमहंत नारायण गिरी से मुलाकात कर दूधेश्वरनाथ मंदिर कॉरिडोर बनाने के लिए विस्तृत रूप से चर्चा की।

कॉरिडोर का निर्माण कराने के लिए किस प्रकार से कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसका बकायदा नक्शा लेकर कार्य योजना बनाई गई। मंदिर के आसपास के मार्ग का चौड़ीकरण करने के अलावा जीटी रोड से जस्सीपुरा मोड़ से होते हुए मंदिर के मुख्य मार्ग को विशेष रूप से चौड़ा करने के लिए संपत्ति विभाग के अधिकारियों से मौके पर नक्शा मंगाकर इस पर वार्ता की गई। दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर के बाहर सड़क किनारे बनीं हुई दुकानों को भी व्यवस्थित करने को लेकर चर्चा की गई।
इस दौरान वरिष्ठ संपत्ति प्रभारी एवं अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार यादव, चीफ इंजीनियर निर्माण एनके चौधरी, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह व निर्माण विभाग की टीम उपस्थित रही।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर दूधेश्वर नाथ मंदिर कॉरिडोर को लेकर नगर निगम अब कार्रवाई तेज करेगा। मंदिर के श्रीमहंत नारायण गिरी ने सभी के साथ संयुक्त बैठक की। श्रीमहंत नारायण गिरी ने बताया कि प्राचीन सिद्धपीठ दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर है। यहां पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। इस कॉरिडोर का निर्माण कराने के लिए दशकों से योजना बनाई जा रही है। ऐसे में इसकी कार्य योजना तैयार करते हुए श्रद्धालुओं तथा मार्ग से गुजरने वाले आगंतुकों के लिए लाभदायक योजना बनाई जाए। इसके लिए सभी अधिकारियों की संयुक्त बैठक कर इसका निर्माण कराया जाए। एसडीएम सदर अरुण दीक्षित एवं नगर निगम के अधिकारी संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई को करेंगे।

नगर आयुक्त ने बताया कि दूधेश्वरनाथ मंदिर कॉरिडोर की नगर निगम ने तैयारी शुरू कर दी हैं। नगर निगम का संपत्ति विभाग इस पूरे क्षेत्र का सर्वे कराएगा। उसके आधार पर ही आगामी योजना बनाई जाएगी। इसकी ड्रोन के माध्यम से वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी,ताकि निर्णय लेने में आसानी हो सकें। मंदिर के बाहर दुकानों को भी शिफ्ट करने के लिए भी योजना बनाई जाएगी। मंदिर की जमीन तथा रोड को व्यवस्थित किया जाएगा। इसको लेकर अगले एक सफ्ताह के भीतर संबंधित सभी अधिकारियों की संयुक्त बैठक की जाएगी। जिसमें दूधेश्वर नाथ मंदिर के मुख्य मार्ग का चौड़ीकरण करने तथा कॉरिडोर को लेकर निर्णय लिया जाएगा।