• स्वचछता रैंकिंग में अपने पुराने रिकार्ड को किया ध्वस्त, 2024 में राष्ट्रीय रैंकिंग हुई 11 पिछले वर्ष 38वें नंबर पर था गाजियाबाद
• कूड़ा निस्तारण के लिए नहीं है जमीन फिर भी गार्बेज फ्री सिटी की रैंकिंग में गाजियाबाद को मिला फाइव स्टार, पहले था र्थी स्टार
• लेगेसी वेस्ट निस्तारण को लेकर गाजियाबाद नगर निगम को मिले 100 में 100 अंक, सार्वजनिक शौचालयों की सफाई में भी 97 अंक
• पर्यावरण और जल संरक्षण में भी गाजियाबाद आगे, शहर बना वाटर प्लस प्लस और हरियाली बढ़ाने के लिए मिला फाइव स्टार रेटिंग
• महापौर सुनीता दयाल हुई गदगद शहरवासियों को दी शुभकामनाएं, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक बोले आगे और बेहतर करेंगे काम
• कूड़ा निस्तारण के लिए नहीं है जमीन फिर भी गार्बेज फ्री सिटी की रैंकिंग में गाजियाबाद को मिला फाइव स्टार, पहले था र्थी स्टार
• लेगेसी वेस्ट निस्तारण को लेकर गाजियाबाद नगर निगम को मिले 100 में 100 अंक, सार्वजनिक शौचालयों की सफाई में भी 97 अंक
• पर्यावरण और जल संरक्षण में भी गाजियाबाद आगे, शहर बना वाटर प्लस प्लस और हरियाली बढ़ाने के लिए मिला फाइव स्टार रेटिंग
• महापौर सुनीता दयाल हुई गदगद शहरवासियों को दी शुभकामनाएं, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक बोले आगे और बेहतर करेंगे काम
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में गाजियाबाद ने शानदार प्रदर्शन किया है। स्वच्छ शहरों की सूची में गाजियाबाद पूरे देश में 11वें स्थान पर काबिज हुआ है। राष्ट्रीय रैंकिंग में गाजियाबाद का यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। पिछले वर्ष गाजियाबाद राष्ट्रीय रैंकिंग में 38वें स्थान पर था जिसमें उसने 27 पायदान की ऊंची छलांग लगाई है। राष्ट्रीय रैंकिंग में गाजियाबाद का पुराना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 12वीं रैंकिंग रहा है। वर्ष 2024 में 11वीं रैंक हासिल करना गाजियाबाद के लिए बड़ी उपलब्धि है। क्योंकि यह रैंकिंग विषम परिस्थितियों में हासिल की गई है। कूड़ा निस्तारण के लिए गाजियाबाद नगर निगम के पास जमीन नहीं है। ऐसे में पुरानी रैंकिंग को बरकरार रख पाना ही चुनौती भरा था। लेकिन गाजियाबाद नगर निगम ने चुनौतियों को स्वीकार करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। शहर को साफ स्वच्छ और सुंदर कैसे बनाया जाये इसको लेकर नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने योजनाबद्ध तरीके से काम किया जिसका सुखद परिणाम स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 के रिपोर्ट कार्ड में देखने को मिला। गार्बेज फ्री सिटी में गाजियाबाद को फाइव स्टार रैंकिंग मिली वहीं पर्यावरण और जल संरक्षण में भी गाजियाबाद आगे रहा। गाजियाबाद अब वाटर प्लस प्लस शहर बन गया है। इसके अलावा हरियाली बढ़ाने के लिए भी फाइव स्टार रेटिंग मिली है। गाजियाबाद नगर निगम के इस शानदार प्रदर्शन के लिए शहर की मुखिया महापौर सुनीता दयाल ने शहरवासियों एवं निगम अधिकारियों को शुभकामनाएं दी है।
गाजियाबाद। स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में गाजियाबाद ने शानदार प्रदर्शन किया है। स्वच्छ शहरों की सूची में गाजियाबाद पूरे देश में 11वें स्थान पर काबिज हुआ है। राष्ट्रीय रैंकिंग में गाजियाबाद का यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। पिछले वर्ष गाजियाबाद राष्ट्रीय रैंकिंग में 38वें स्थान पर था जिसमें उसने 27 पायदान की ऊंची छलांग लगाई है। राष्ट्रीय रैंकिंग में गाजियाबाद का पुराना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 12वीं रैंकिंग रहा है। वर्ष 2024 में 11वीं रैंक हासिल करना गाजियाबाद के लिए बड़ी उपलब्धि है। क्योंकि यह रैंकिंग विषम परिस्थितियों में हासिल की गई है। कूड़ा निस्तारण के लिए गाजियाबाद नगर निगम के पास जमीन नहीं है। ऐसे में पुरानी रैंकिंग को बरकरार रख पाना ही चुनौती भरा था। लेकिन गाजियाबाद नगर निगम ने चुनौतियों को स्वीकार करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। शहर को साफ स्वच्छ और सुंदर कैसे बनाया जाये इसको लेकर नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने योजनाबद्ध तरीके से काम किया जिसका सुखद परिणाम स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 के रिपोर्ट कार्ड में देखने को मिला। गार्बेज फ्री सिटी में गाजियाबाद को फाइव स्टार रैंकिंग मिली वहीं पर्यावरण और जल संरक्षण में भी गाजियाबाद आगे रहा। गाजियाबाद अब वाटर प्लस प्लस शहर बन गया है। इसके अलावा हरियाली बढ़ाने के लिए भी फाइव स्टार रेटिंग मिली है। गाजियाबाद नगर निगम के इस शानदार प्रदर्शन के लिए शहर की मुखिया महापौर सुनीता दयाल ने शहरवासियों एवं निगम अधिकारियों को शुभकामनाएं दी है।
बृहस्पतिवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मौजूदगी में केंद्र सरकार द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 का परिणाम जारी किया गया। इस परिणाम ने गाजियाबादवासियों को खुश होने और गौरवान्वित महसूस करने का अवसर दिया है। महापौर सुनीता दयाल तथा नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के कुशल नेतृत्व में गाजियाबाद नगर निगम की कड़ी मेहनत का फल देखने को मिला है। गाजियाबाद का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन राष्ट्रीय रैंकिंग में देखने को मिला है। स्वच्छता के मामले में गाजियाबाद देश के टॉप 15 और उत्तर प्रदेश के टॉप 5 शहरों में शामिल है।
अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण में गाजियाबाद के राष्ट्रीय रैंकिंग में बढ़ोतरी हुई है। देशभर में गाजियाबाद 11वें स्थान पर है, जो कि पिछले वर्ष 38वें स्थान पर था। सार्वजनिक साफ सफाई, आवासीय अनवासीय भवनों की साफ सफाई, तालाबों की साफ सफाई सहित शहर को स्वच्छ रखने के मामले में गाजियाबाद को अच्छे अंक मिले हैं। लेगेसी वेस्ट निस्तारण की कार्यवाही मे गाजियाबाद को 100 में से 100 अंक प्राप्त हुए, सार्वजनिक शौचालय के रखरखाव और साफ-सफाई के लिए 97, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए 98 अंक, कूड़ा उत्सर्जन के सापेक्ष निस्तारण की कार्यवाही में 91 अंक प्राप्त हुए।
यदि गाजियाबाद नगर निगम को शहरवासियों का पूरा साथ मिल जाता तो गाजियाबाद देश के टॉप 5 स्वच्छ शहरों में शामिल हो जाता। शहरवासियों द्वारा कचरा पृथक्करण को अपनाते हुए गीले तथा सूखे कचरे को अलग-अलग करने के मामले में सिर्फ 57 अंक मिले। यानी शहरवासी अपने घरों से गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग करके देते तो रैंकिंग अच्छी हो जाती। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश ने बताया कि शहरवासियों तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम तथा निगम की एसबीएम टीम के द्वारा बेहतर कार्य किया गया है जिसके परिणाम भी बेहतर प्राप्त हुए हैं। आगे और अधिक कड़ी मेहनत से कार्य किया जाएगा विशेष रूप से सेग्रीगेशन पर जन-जन को जागरुक करते हुए कचरा पृथक्करण को बढ़ाया जाएगा। इसको लेकर नए तरीके से योजना बनाकर काम किया जाएगा। आगे हम और बेहतर कार्य करेंगे।
गार्बेज फ्री सिटी में गाजियाबाद को फाइव स्टार रेटिंग हासिल करने पर महापौर सुनीता दयाल ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष रूप से बधाई। उन्होंने कहा कि पहले गाजियाबाद थ्री स्टार था अब फाइव स्टार बन चुका है जिसमें शहर वासियों की अहम भूमिका रही है। 455 कूड़ा स्थल ऐसे थे जिनको विलुप्त किया गया तथा वहां पर सौंदर्यीकरण का कार्य कराया गया। सीवर का शत् प्रतिशत जल ट्रीटमेंट करने पर वाटर प्लस प्लस सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ है जो कि सराहनीय है। महापौर द्वारा शुभकामनाएं देते हुए गाजियाबाद की चुनौतियों के बारे में भी बताया गया जिसमें सबसे बड़ी चुनौती अधिकृत प्रोसेसिंग ग्राउंड न होने को बताया गया। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद नगर निगम के पास उत्सर्जित कचरा को प्रोसेसिंग करने के लिए अपनी कोई खुद की जमीन नहीं है। इस कारण दिक्कतें आ रही है समस्या को दूर करने के लिए प्रयास किया जाएगा।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने निगम अधिकारियों, स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम तथा समस्त निगम परिवार को शुभकामनाएं दी। नगर आयुक्त ने बताया कि मोरटा, भिक्कनपुर, इंदिरापुरम, प्रताप विहार व अन्य स्थानों से लगभग 15 लाख मैट्रिक टन लेगेसी वेस्ट खत्म किया गया है। मियावाकी पद्धति से 19.6 हेक्टर भूमि पर पौधारोपण किया गया जो कि अब वृक्ष बन चुके हैं। गाजियाबाद के पर्यावरण के लिए यह काफी सुखद है। स्वच्छता सर्वेक्षण के परिणाम सुखद है जिसका श्रेय शहरवासियों तथा निगम की टीम को जाता है।

















